मैहला (चंबा)। ग्रामीणों को घरद्वार पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के प्रदेश सरकार के वादे और दावे महज कागजों तक ही सीमित हैं। ऐसा इसीलिए क्योंकि विकास खंड मैहला के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र दाड़वीं में एक वर्ष से ताला लटका हुआ है। ग्रामीणों को सर्दी-खांसी, जुकाम की दवा लेने के लिए भी 8 से 10 किलोमीटर दूर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैहला का रुख करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत दाड़वीं में उप स्वास्थ्य केंद्र खुलने से लोगों को घरद्वार पर छोटी-मोटी बीमारी पर दवा लेने की सुविधा मिल रही थी, लेकिन उप स्वास्थ्य केंद्र में तैनात दोनों फार्मासिस्टों का तबादला होने के बाद अब संस्थान के भवन पर ताले लटक गए हैं। इस कारण ग्राम पंचायत दाड़वीं के गांव चेहड़ा, दाड़वीं, लोहआ, हुंआ, रांभो, नाली, बेधिरा की तीन हजार की आबादी को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
ग्रामीणों में विनोद कुमार, विशाल कुमार, रमन कुमार, सुरेश कुमार, विकास कुमार, भवनेश कुमार और रोशन लाल ने कहा कि दाड़वीं पंचायत में उप स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद इसका लाभ नहीं मिल रहा है। आपात स्थिति में यहां दवा ही लेनी हो तो वह भी नहीं मिल पाती है। उप स्वास्थ्य केंद्र पर पिछले एक साल से ताले लटके हुए हैं। वहीं गर्भवती महिलाओं, शिशुओं के टीकाकरण के लिए भी ग्रामीणों को परेशानियां उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार और भरमौर-पांगी विधायक डॉ. जनक राज से मांग की है कि दाड़वीं में बंद पड़े उप स्वास्थ्य केंद्र को पुन: सुचारू रूप से चलाया जाए, ताकि ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके और छोटी-मोटी बीमारी के दवा के लिए न भटकना पड़े।
माह में एक दिन लगाते हैं शिविर
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मैहला के चिकित्सक डॉ. ऋषभ शर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी के कारण उप स्वास्थ्य केंद्र दाड़वीं नियमित तौर पर खुला नहीं रहता है। महीने में एक दिन उप स्वास्थ्य केंद्र दाड़वीं में बच्चों के टीकाकरण के लिए शिविर लगाया जाता है।
उप स्वास्थ्य केंद्र दाड़वीं में लटका ताला। संवाद