चंबा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी का लंबे समय बाद गठन तो कर दिया गया है लेकिन, गठन होते ही कांग्रेस के परंपरागत रहे विशेष वर्गों में असंतोष है। यह बात गुज्जर कल्याण सभा के अध्यक्ष हसन दीन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कही। हसन दीन ने कहा कि गुज्जर समुदाय में पूर्व मंत्री और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता रंगीला राम राव को प्रदेश कार्यकारिणी में सम्मिलित न करने पर कांग्रेस लीडरशिप के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। रंगीला राम राव का सरकाघाट तहसील के विकास में तो महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसी के साथ पूरे प्रदेश में भी विभिन्न क्षेत्रों में योगदान रहा है। रंगीला राव गुज्जर समुदाय के शिरोमणि रहे हैं। उनको प्रदेश कार्यकारिणी में सम्मिलित न करना गुज्जर समुदाय को कांग्रेस पार्टी से दूर करना है। हिमाचल प्रदेश में गुज्जर समुदाय का जिला सिरमौर के पौंटा साहिब से लेकर जिला चंबा तथा मंडी कुल्लू से जिला ऊना तक लगभग 45 विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में प्रभाव रहता है। प्रदेश के 25 विधानसभा चुनाव क्षेत्रों में यह बिरादरी हार-जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कांग्रेस लीडरशिप को चाहिए कि रंगीला राम राव को बिना देर किए प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अहम पद प्रदान करे।