मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर के लिए रवाना होती कार्तिक स्वामी मंदिर की पवित्र छड़ी। स्रोत : जा
भरमौर (चंबा)। कार्तिक स्वामी मंदिर से पवित्र छड़ी बुधवार को मणिमहेश के लिए रवाना हुई। हड़सर में छड़ी ने अपना पहला पड़ाव डाला। वीरवार को सुबह से यह छड़ी अपने अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। 22 सितंबर को डल झील में पहुंचकर डल तोड़ने की रस्म को पूरा किया जाएगा। डल झील तोड़ने वाले शिव गुरों में कार्तिक स्वामी का गुर सबसे आगे रहेगा। उनकी अगुवाई में डल को तोड़ा जाएगा।
कार्तिक स्वामी मंदिर कुगति के पुजारी पंडित मचलू राम ने बताया कि मणिमहेश यात्रा के दौरान हर वर्ष कार्तिक मंदिर कुगति से यह छड़ी मणिमहेश रवाना होती है। इसमें कार्तिक स्वामी के गुर सहित अन्य शिव भक्त भाग लेते हैं। यह छड़ी बुधवार को अपना पड़ाव हड़सर में डालेगी। वीरवार को अगले पड़ाव के लिए रवाना होगी। जिस इलाके से यह होकर यह छड़ी जाएगी। वहां के स्थानीय लोग इस छड़ी का आशीर्वाद लेने के लिए वहां मौजूद रहेंगे। पुरानी परंपरा के अनुसार जैसे संचुई के शिव चेले मणिमहेश यात्रा के दौरान डल तोड़ने के लिए मणिमहेश जाते हैं। उसी तरह कार्तिक स्वामी मंदिर कुगति की यह छड़ी भी मणिमहेश को रवाना होती है।
मणिमहेश यात्रा के दौरान हड़सर के लिए रवाना होती कार्तिक स्वामी मंदिर की पवित्र छड़ी। स्रोत : जा