चंबा। शहर के 31 दुकानदारों से किराया वसूल करना नगर परिषद चंबा के लिए गले की फांस बन गया है। नगर परिषद बिजली बोर्ड के जरिये किराया वसूलने के लिए दुकानदारों की बिजली काटने संबंधित पत्र जारी कर रही थी।
अब बोर्ड के अधिकारियों ने किराये के लिए बिजली कनेक्शन काटने से इनकार कर दिया है। बिजली बोर्ड के अधिकारियों का तर्क है कि दुकानदार नियमित रूप से मासिक बिजली के बिल का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में वे किस आधार पर बिजली का कनेक्शन काटें। नगर परिषद अपना मामला खुद निपटाए। बहरहाल, अब नगर परिषद किराया वसूलने के लिए नई योजना बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए जल्द ही आपातकालीन बैठक का आयोजन किया जाएगा। नई योजना तैयार करने को लेकर पार्षदों के साथ चर्चा की जाएगी।
जानकारी के अनुसार नगर परिषद के तहत आते 31 दुकानदारों ने दुकान का टैक्स जमा नहीं किया है। इसकी राशि बढ़कर 17 लाख रुपये हो चुकी है। इससे नगर परिषद भी काफी घाटे में जा रही है। हैरानी की बात तो यह है कि दस अक्तूबर और 20 नवंबर को नगर परिषद ने बिजली बोर्ड को दुकान का किराया वसूलने के लिए दुकानदारों के बिजली कनेक्शन काटने संबंधी पत्र भेजा। बिजली बोर्ड ने कनेक्शन काटने के बजाय मना कर दिया। इस बात को लेकर नगर परिषद के अधिकारी सहित कर्मचारियों में रोष है कि नप के ऑर्डर होने के बाद भी बिजली बोर्ड ने दुकानदारों की बिजली नहीं काटी है। अब आपातकालीन बैठक में डिफाल्टर दुकानदारों के बिजली कनेक्शन काटने का निर्णय लिया जाएगा। कुल मिलाकर अब आपातकालीन बैठक में बड़ा इस राशि को दुकानदारों से निकलवाने के लिए बड़ा फैसला नगर परिषद को लेना पड़ेगा।
नगर परिषद चंबा के कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी संदीप ने कहा कि नगर परिषद के ऑर्डर होने के बाद भी बिजली बोर्ड ने टैक्स जमा न करवाने वाले दुकानदारों के बिजली कनेक्शन नहीं काटे हैं। इस बात को लेकर एक आपातकालीन बैठक बुलाई जाएगी।
बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता हंसराज ने कहा कि दुकानदार नियमित रूप से बिजली के बिल का भुगतान कर रहे हैं। ऐसे में किस आधार पर दुकानों की बिजली काटें। यह नगर परिषद का अपना मसला है। नगर परिषद खुद इसका समाधान करें।