चंबा। हिमाचल प्रदेश में ग्रामीण शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की बैठक सर्किट हाउस चंबा में हुई। इसमें संगठन के भविष्य की रूपरेखा, आगामी रणनीतियों और ग्रामीण विकास में इसकी भूमिका पर मंथन हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सुरजीत भरमौरी ने कहा कि पंचायतीराज संस्थाओं में महिलाओं को केवल नाम का नहीं, बल्कि वास्तविक और उचित प्रतिनिधित्व मिलना अनिवार्य है। जब तक आधी आबादी यानी हमारी महिलाएं पंचायतों में निर्णय लेने की मुख्य भूमिका और प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल नहीं होंगी, तब तक जमीनी स्तर पर किसी भी वास्तविक और बड़े सामाजिक परिवर्तन की कल्पना करना व्यर्थ है। पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि वे हर गांव और हर घर तक जाकर कांग्रेस की जनहितैषी नीतियों और विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार करें। कांगड़ा की जिलाध्यक्ष रूप रेखा और चंबा के जिलाध्यक्ष रमेश शर्मा ने अपने-अपने जिलों में संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने और नए चेहरों को जोड़ने की ठोस योजना पेश की। संगठन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. संजय ने उपस्थित पदाधिकारियों को पंचायतों के सांविधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में बताया। बैठक में पूर्व वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी, सचिन मिरुपा, सुरेश कुमार, रमेश शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे।