चंबा-कांगड़ा सांसद डॉ. राजीव भारदवाज। स्त्रोंत-जागरूक पाठक।
चंबा। संसद में 25 वर्षों में पहली बार हिमाचल के एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) का मुद्दा गूंजा है। इसके चलते प्रदेश के 500 एसपीओ को वेतन बढ़ोतरी के साथ ठोस नीति बनने की उम्मीद जगी है।
एसपीओ कल्याण संघ के पूर्व अध्यक्ष श्याम ठाकुर ने बताया कि पहली बार लोक सभा में किसी सांसद ने एसपीओ की आवाज उठाई है। इसके लिए उन्होंने सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज का आभार भी जताया है। उन्होंने कहा कि एसपीओ पिछले 25 वर्षों से जिला चंबा और लाहौल-स्पीति के सीमांत क्षेत्रों की पुलिस बटालियन की सुरक्षा चौकियों तथा साथ लगते थाना और चौकियों में सेवाएं दे रहे हैं। इसके बदले में उन्हें 6000 रुपये केंद्र और 2900 रुपये प्रदेश सरकार की तरफ से वेतन के रूप में दिए जाते हैं। महंगाई के इस जमाने में उनका इतने कम वेतन पर गुजारा नहीं हो पा रहा है। इसके चलते उन्होंने अपने वेतन की बढ़ोतरी की मांग की है। यह मांग पिछले 25 वर्षों से की जा रही है। कहा कि जम्मू-कश्मीर और हरियाणा जैसे राज्यों में एसपीओ 18000 से 20000 मासिक मानदेय के साथ अन्य मूलभूत सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। चुराह के विधायक ने भी गृह मंत्री के समक्ष एसपीओ की मांगों को रखा है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि केंद्र की सरकार एसपीओ के लिए जल्द ही कोई ठोस नीति बनाएगी।