चंबा। जिले में कोरोना की जांच प्रक्रिया काफी धीमी पड़ गई है। पहले जहां रोजाना 200 से 500 लोगों की कोरोना जांच की जा रही थी। वहीं, अब स्वास्थ्य विभाग 50 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पा रहा है। रोजाना 20 से 25 लोगों के सैंपल लेकर कोरोना जांच की जा रही है। इसके चलते जिले में छुपे हुए कोरोना के मरीजों का पता नहीं लग पा रहा है।
हालांकि मुख्य चिकित्सा अधिकारी विभाग की समीक्षा बैठकों में कर बार खंड चिकित्सा अधिकारियों को आदेश देते हैं कि जिले में कोरोना सैंपलिंग दर को बढ़ाया जाए, लेकिन उनके आदेशों की अभी तक पालना होती नहीं दिख रही है।
कोई भी स्वास्थ्य खंड अपने परिक्षेत्र में कोरोना के सैंपलों की संख्या नहीं बढ़ा रहा है। ऐसे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के आदेश धरातल पर उतरते नहीं दिख रहे हैं। सर्दियों के मौसम में कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा अधिक होता है। क्योंकि कोरोना के लक्षण सर्दी जुकाम के साथ मिलते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग को कोरोना सैंपलिंग की प्रतिशता दर को बढ़ाने में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने बताया कि सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने परिक्षेत्र में कोरोना सैंपलों की दर को बढ़ाएं। इसको लेकर जल्द समीक्षा की जाएगी।