चंबा। नगर परिषद चंबा का नया कारनामा सामने आया है। शहर की सड़कों पर पड़े गड्ढों को भरने के बजाय इन्हें बोरियों से ढककर छिपा दिया गया है। यह लापरवाही पुराने बस अड्डे में स्थित शिव मंदिर के पास देखी जा सकती है।
नगर परिषद ने ऐसा शायद इसलिए किया है, जिससे किसी को सड़क के ये गड्ढे दिखाई न दें, लेकिन इससे उल्टा हादसों का खतरा बढ़ गया है। बोरियों से ढके सड़क के गड्ढे न दिखने से दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकते हैं। शहर के लोगों ने भी नगर परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि राजनेताओं से लेकर प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी भी इसी रास्ते से आवाजाही करते हैं, लेकिन किसी को सड़क पर बाेरियों से ढके ये गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। हैरत की बात तो यह है कि कुछ समय पहले तारकोल बिछाकर इन गड्ढों को भरा भी गया था, लेकिन सड़क की फिर वही दुर्दशा काम की गुणवत्ता की पोल भी खोल रही है। लोगों का आरोप है कि सड़क पर पड़े गड्ढे साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। तारकोल बिछाने के बाद सड़क की हालत फिर वैसी ही हो गई है। बावजूद इसके संबंधित ठेकेदार ने इन्हें भरने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। वहीं, नगर परिषद भी कोई कार्रवाई नहीं कर पाई है। हालांकि, नगर परिषद चंबा की अध्यक्ष नीलम नैय्यर ने कहा कि वह जिले से बाहर हैं। चंबा पहुंचकर समस्या का समाधान करवाएंगी।
सड़क पर पड़े गड्ढे भरने के बजाय नगर परिषद के कर्मचारियों ने इन्हें बोरियों से ढककर अपने कार्य से इतिश्री कर ली है। इससे हादसों की आशंका बढ़ गई है। नगर परिषद चंबा की ओर से जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले समय में कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है। - साबर मलिक
शहर में प्रवेश के लिए मुख्य मार्ग पुराना बस स्टैंड से होकर है। यहीं से होकर राजनेता, अधिकारी-कर्मचारियों समेत सैकड़ों लोगों और वाहन चालक आवाजाही करते हैं। सड़क पर पड़े गड्ढों को भरने के बजाय नगर परिषद की ओर से इन्हें बोरियों से ढका जा रहा है। यह सीधे तौर पर बड़ी लापरवाही है। - चंद्रकांत शर्मा
पुराने बस स्टैंड के पास स्थित शिव मंदिर के पास सड़क पर कुछ समय पूर्व नप ठेकेदार ने तारकोल बिछाई थी। गड्ढे पड़ने पर नप कर्मियों ने तारकोल से पैचवर्क किया। चंद दिन में ही सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण गुणवत्ताहीन कार्य का होना है। अब नप चंबा बोरी से गड्ढों को ढक रही है। - आरिफ मलिक
नगर परिषद चंबा की ओर से गृहकर और दुकानदारों से दुकानों का किराया एकत्रित किया जाता है। शहर की सड़कें खस्ताहाल हैं। बदहाल सड़कें हादसों को न्योता दे रही हैं। इनकी मरम्मत करने के लिए नगर परिषद जहमत नहीं उठा रही है। नप चंबा को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - रोहित