चंबा। जिले में बागवानों-किसानों को फसल का उत्पादन करने के बाद भी कोल्ड स्टोर की व्यवस्था न होना उनके लिए परेशानी का सबब बना हुआ है।
शिमला, किन्नौर, कुल्लू और मनाली में मंडियों और कोल्ड स्टोर हैं, लेकिन चंबा में किसानों-बागवानों के लिए यह सुविधा नहीं है। किसानों-बागवानों को अपनी सफल 300 किमी दूर जालंघर, पंजाब, पठानकोट और 250 किमी कांगड़ा, बैजनाथ, नगरोटा में कोल्ड स्टोर में रखनी पड़ती है। कई दिन तक कोल्ड स्टोर में फसल रहने के बाद भी किसानों-बागवानों को औने-पौने दामों में ही फसल बेचनी पड़ती है। किसानों-बागवानों को बजट सत्र में जिले के हर विस क्षेत्र में कोल्ड स्टोर बनाने की व्यवस्था होने की उम्मीद है। बंदरों की समस्या के समाधान के लिए कदम उठाने की भी उम्मीद है। बारिश-बर्फबारी देरी से होने के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजे का प्रावधान करने को लेकर कदम उठाने की उम्मीद है।
सरकार द्वारा प्रस्तावित बजट को लेकर काफी उम्मीदें है। कहा कि लावारिस पशुओं और बंदरों के आतंक से फसलों को नुकसान पहुंच रहा है। इसके लिए सरकार उचित प्रावधान करें। -कुशल कुमार, किसान
इनसेट
इस साल दो माह तक बारिश नहीं हुई। इससे गेहूं की फसल बंपर होने के बजाय औसतन होने की उम्मीद है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार को इस बारे में उचित मुआवजे का प्रावधान करना चाहिए। -सुशील शर्मा, किसान
इनसेट
जिले में कोल्ड स्टोर नहीं है। जिले के बागवानों को पंजाब जाकर या कांगड़ा जाकर अपनी फसलें कोल्ड स्टोर में रखनी पड़ती हैं। सेबकी पैदावार से ही परिवार की आजीविका चलती है। इस बार पर्याप्त बर्फबारी नहीं हुई है। इससे पैदावार प्रभावित होगी। - चरण सिंह, बागवान
सरकार जिले के लिए कोल्ड स्टोर की सुविधा उपलब्ध करवाए। वैसे भी इस बार पर्याप्त बर्फबारी न होने से नुकसान उठाना पड़ेगा। सरकार को बजट में इस बार मौसम की मार को ध्यान में रखकर उचित व्यवस्था करनी चाहिए। - दलीप राज शर्मा, बागवान