चंबा के साहो स्कूल में छुट्टी वाले दिन विद्यालय में श्रमदान करते अध्यापक।स्त्रोत जागरूक पाठक
चंबा। कुछ अध्यापक स्कूल की खस्ताहाल और अन्य सुविधाओं के लिए बजट मिलने का इंतजार करते रहते हैं, मगर जिले में कुछ ऐसे शिक्षक भी हैं जो समय पर बजट की व्यवस्था न होने पर विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अपनी जेब से भी मूलभूत सुविधाओं को जुटा रहे हैं।
ऐसा ही मामला राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला साहो में सामने आया है। स्कूल के परीक्षा भवन निर्माण के लिए बजट का प्रावधान न हुआ तो प्रधानाचार्य की पहल से अब परीक्षा भवन निर्माण कार्य शुरू हो गया है। सामुदायिक सहभागिता से उन्होंने स्कूल में सुविधाएं जुटाने के प्रयास शुरू किए हैं। करीब साठ हजार रुपये की राशि एकत्रित कर ली गई है। इसके तहत कार्य भी शुरू कर दिया है। छुट्टी वाले दिन प्रधानाचार्य समेत अन्य स्कूल स्टाफ भी इस निर्माण कार्य में श्रमदान कर रहे हैं।
करीब डेढ़ साल से परीक्षा भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा था। हालांकि, इस बारे में प्रशासन और विभाग को भी स्कूल प्रबंधन की ओर से कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन कहीं से भी बजट का प्रावधान नहीं हो पाया। परीक्षा भवन के अभाव में विद्यार्थियों को परेशानी होती है। विद्यार्थियों की इस समस्या को देखते हुए प्रधानाचार्य विनोद सोनी ने सामुदायिक सहभागिता से अपने स्कूल में परीक्षा भवन निर्माण करने की सोची। प्रधानाचार्य समेत स्कूल स्टाफ अपने वेतन का कुछ हिस्सा परीक्षा भवन के निर्माण के लिए दे रहे हैं।
प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने बताया कि उनके पढ़ाए विद्यार्थी भी इसके लिए सहयोग कर रहे हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. राकेश ठाकुर, डॉ. प्रतीक चंद्रा, डॉ. करण हितैषी भी विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधा के लिए हरसंभव सहयोग दे रहे हैं। बताया कि बजट का प्रावधान न होने पर उन्होंने सामुदायिक सहभागिता से परीक्षा भवन निर्माण करने के प्रयास शुरू किए हैं। काम शुरू कर दिया है। सभी लोगों के सहयोग से यह संभव हो पाया है।