चुराह (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र की दियोला पंचायत में आजादी के सात दशक बाद भी मरीज चारपाई और पीठ पर 20 किलोमीटर दूर सड़क तक पहुंचाने पड़ रहे हैं। इसके लिए पहले गांव के लोग ढूंढने पड़ते हैं।
दरअसल, पंचायत के गांवों को आज तक सड़क से ही नहीं जोड़ा जा सका है। स्कूली विद्यार्थी भी रोजाना पांच घंटे 20 किलोमीटर पैदल सफर तय कर स्कूल जाते हैं। सड़क न होने से उन्हें वाहन सुविधा नहीं मिल रही। ग्रामीण लंबे समय से दियोला पंचायत के गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक यह मांग न तो सरकार ने पूरी की और न ही विभाग इस दिशा में कोई कदम उठा पाया है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार तो मरीज अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। 20 किमी तक पैदल सफर कर मरीज को चारपाई पर सड़क तक पहुंचाने में घंटों लग जाते हैं। पंचायत दियोला के घासेली, सुकराला, बासुआ, कनोदी, फानोता, द्वारी, कुंडौली और घेवा गांव आज भी सड़क को तरस रहे हैं।
दियोला पंचायत के आधा दर्जन गांवों के लोगों के लिए सड़क सपने से कम नहीं है। ग्रामीणों का यह सपना कब पूरा होगा। कोई पता नहीं है। सरकार और विभाग को बार-बार बताने के बाद भी सड़क नहीं बनाई जा रही है। - लेखराज नेगी, उपप्रधान दियोला
चारपाई पर मरीज को 20 किमी तक पहुंचाना किसी भी परिवार के लिए आसान नहीं होता। पहले परिवार को गांव में चारपाई उठाने के लिए लोगों को इकट्ठा करना पड़ता है। उसके बाद मरीज को लेकर जाने की व्यवस्था बनती है। - दीपक नेगी
आज के दौर में चांद पर जाने की की जा रही हैं, वहीं दियोला पंचायत के लोग आज भी आजादी से पहले वाली जिंदगी जीने पर मजबूर हैं। इसके लिए पीछे सरकारें और संबंधित विभाग जिम्मेदार हैं। - पदमु देवी, पंचायत प्रधान
यदि सरकार और प्रशासन चुराह के ग्रामीण क्षेत्रों की तरफ गंभीरता से ध्यान केंद्रित करे तो सड़क जैसी समस्याओं का समाधान हो सकता है। दियोला पंचायत के लोगों को अपनी समस्या के निदान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ेगा। - अशोक स्थानीय निवासी।
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता जोगिंद्र कुमार ने बताया है कि दियोला पंचायत के सभी गांवों को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए उचित प्रयास किए जाएंगे।