होली (चंबा)। उपमंडल होली के त्यारी गांव में नदी पर पक्का पुल और कलाह में सड़क बनने से कांगड़ा और मंडी जिले के ट्रैकरों को राहत मिलेगी। इस ट्रैक से हर साल सैकड़ों श्रद्धालु और ट्रैकर धर्मशाला से इंद्रहार जोत होकर मणिमहेश की डल झील में स्नान करने जाते हैं।
क्वारसी-होली और मणिमहेश के इस ट्रैक पर त्यारी गांव में पुल और कलाह में सड़क बनने से यह क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से भी विकसित होगा। इस ट्रैक से श्रद्धालु होली से वाया कलाह होकर आगे बढ़ते हैं। वर्तमान में त्यारी गांव तक सड़क है, लेकिन रावी नदी पर लकड़ी का पुल जर्जर हो चुका है। यह पुल कभी भी हादसे की वजह बन सकता है। स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पक्का पुल बनता है तो मणिमहेश के लिए यह शार्टकट रास्ता होगा। होली से मणिमहेश तक 13 किलोमीटर का पैदल रास्ता है। पुल बनने से यह 8 किमी रह जाएगा।
परिचर्चा
यह ट्रैक बनने से ग्रामीणों के लिए रोजगार के साधन उत्पन्न होंगे। स्थानीय उत्पाद सेब, आड़ू, नाशपाती, जापानी फल, अखरोट, राजमा, कुल्थी बेचने के लिए यहां से बाहर का रुख नहीं करना पड़ेगा। लोगों को आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। - रमेश चंद
रावी नदी पर स्थित त्यारी पुल बनने से पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। कलाह गांव से 4 किमी ऊपर पहाड़ी पर स्थित कार्तिक स्वामी का मंदिर, बाबा बालक नाथ की गुफा में दर्शन करने के लिए लोग पहुंचते हैं। सड़क और पुल बनने से उन्हें लाभ मिलेगा। - सुरेश कुमार
सरकार स्थानीय उत्पादों के लिए मंडियां उपलब्ध करवाने के दावे तो करती है, लेकिन होता कुछ नहीं। इस ट्रैक को विकसित कर त्यारी में पक्का पुल बनता है तो बेरोजगार युवाओं समेत ग्रामीण अपने उत्पाद यहीं बेच सकते हैं। - बबलू कुमार
कुठेड़ पंचायत को प्रकृति ने सुंदरता से नवाजा है। अभी तक शासन-प्रशासन क्षेत्र को विकसित करने में कामयाब नहीं हो पाए हैं। यदि यहां पुल समेत पर्यटकों के लिए हट का निर्माण होता है तो यहां पर्यटन को खूब बढ़ावा मिलेगा। - सिरमौरी राम
लोक निर्माण विभाग के कनिष्ठ अभियंता हेमराज ने बताया कि यह ट्रैक ध्यान में है। सड़क बनाने को लेकर वन विभाग से एनओसी की जरूरत है। इसके लिए आने वाले समय में संयुक्त निरीक्षण के बाद कदम उठाए जाएंगे।