अग्निमशन की गाड़ी पहुंच जाती तो राख न होता सपनों का घर
चंबा। रूंडाल गांव तक अग्निशमन की गाड़ी पहुंच जाती तो आशियाना आग की भेंट नहीं चढ़ता। अग्निशमन की गाड़ी को गांव तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट का समय लगा।
छोटी बोलेरो गाड़ी जैसे-जैसे कर गांव तक पहुंचाई गई। जिस मकान में आग लगी थी, वहां तक पाइप नहीं पहुंच पाया। दमकल विभाग की दो बड़ी गाड़ियां आग बुझाने के लिए डोंरी से रवाना हुई थीं, लेकिन संकीर्ण सड़क की वजह से दोनों गाड़ियां नेरा के समीप ही फंस गईं। ग्रामीण कहते सुने गए कि काश गांव तक अग्निशमन की गाड़ियां पहुंच जाती तो इस भयंकर मंजर को होने से बचाया जा सकता था। हरीश कुमार, मुकेश कुमार, सुरेश कुमार, दलीप कुमार ने कहा कि अग्निकांड होने पर अग्निशमन की गाड़ियां कई बार सब कुछ जलकर राख होने के बाद ही पहुंचती हैं। इसके पीछे संकीर्ण सड़कें, सड़कों का अभाव या अन्य कारण ही सामने आते हैं।