चंबा। जिले में 13 बसें अपने निर्धारित रूटों पर नहीं चलीं। केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार 15 वर्ष पुरानी बसों को सड़कों से हटाने के आदेशों के बाद 13 बसों को रूटों पर नहीं दौड़ाया गया। खैर यात्रियों की सहूलियत के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम की ओर से हरसंभव प्रयास किए गए जिससे लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। 31 से 42 सीटर बसों को जिले के 13 रूटों पर नहीं चलाया गया। प्रबंधन की ओर से इन बसों को एचआरटीसी की कार्यशाला में खड़ा कर दिया गया है। अब प्रबंधन को नई बसों के जल्द मिलने की उम्मीद जगी है।
हिमाचल पथ परिवहन निगम चंबा डिपो की 13 बसों के खड़ी होने से चांजू, छतराड़ी, सुनारा, कुंडी, जुम्महार, जसौरगढ़, बिहाली आदि रूटों पर शनिवार को बसें नहीं दौड़ीं। इन रूटों पर चलने वाली बसों की मियाद 15 वर्ष पूरी हो चुकी थी। बस सेवाएं बंद होने से हांलाकि कई जगह यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। ऐसे में ग्रामीण केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली को भी कोसते दिखे।
गौरतलब है कि जिले में मौजूदा समय में 174 रूट हैं। इनमें से 162 रूटों पर एचआरटीसी की बसें चलती हैं। इनमें से 10 रूटों को निगम की ओर से एक माह में बहाल किया गया है। ऐसे में अब 13 रूटों पर एचआरटीसी बसों के न चलने से आगामी समय में लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि शनिवार से जिले के 13 रूटों पर चलने वाली 15 साल पुरानी बसों को केंद्र सरकार की गाइडलाइन के आधार पर हटा दिया गया है। बताया कि जल्द नई बसें मिलने पर रूटों को सुचारु रखने की योजना है।