चंबा के प्रियुंगल में मकान में लगी आग को पानी डाल बुझाने की कोशिश करते ग्रामीण।संवाद
सलूणी (चंबा)। आंखों के सामने आशियाने जलते देख प्रभावित परिवारों की आंखाें से आंसू छलक आए। मेहनत-मजदूरी कर भरण-पोषण करने वाले दोनों परिवारों के सिर से छत छिन गई है।
सर्दियों के जमा कर रखा राशन भी आंखों के सामने जलकर राख हो गया। अग्निकांड में सब कुछ गंवा चुके परिवारों को अब पड़ोसियों के घरों में शरण लेनी पड़ी है। प्रचंड रूप धारण कर चुकी आग से मवेशियों को भी नहीं निकाला जा सका है। गांववासी भी आग की प्रचंड लपटों के बीच से मवेशियों को गोशाला से निकालने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।
मकान के साथ घर के भीतर सर्दियों के लिए रखी खाद्य सामग्री भी आग की भेंट चढ़ गई है। हालांकि, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद गांव को आग की चपेट में आने से तो बचा लिया, लेकिन पूरा रास्ता तहस-नहस हो गया है। अब पंचायत ने मनरेगा के तहत शुक्रवार को रास्ते के निर्माण की बात कही है।
भांदल पंचायत के प्रियुंगल में वीरवार को हुए भीषण अग्निकांड ने दो परिवारों को ताउम्र न भूलने वाले जख्म दिए हैं। परिवार के मुखिया मेहनत-मजदूरी कर परिवारों का भरण-पोषण करते हैं। रोजमर्रा की तरह ही वे दिहाड़ी लगाने के लिए घर से गए थे। अग्निकांड ने परिवार को अब पड़ोसियों के घरों में शरण लेने को विवश कर दिया है।