चुवाड़ी (चंबा)। हिंदू धर्म में आस्था रखने वाले गोरखा समुदाय का होली का त्योहार सोमवार को होलिका दहन के साथ संपन्न हो गया। समुदाय में होली का त्योहार का विशेष महत्व रखता है। यह उत्सव 27 फरवरी से शुरू हुआ था। पांच दिन तक चले इस उत्सव का समुदाय के लोगों ने लुत्फ उठाया। इस उत्सव को मनाने के लिए सबसे पहले महिलाएं सुबह उठकर आंवले के पेड़ के नीचे भगवान विष्णु लक्ष्मी और सरस्वती की पूजा करती हैं। घर के बुजुर्ग अपने परिजनों के साथ अपने घर कुलदेवी और घर में रखे हुए देवी-देवताओं की पूजा करते हैं। इसके बाद सभी देवी-देवताओं को लाल रंग का गुलाल लगाकर इस पर्व की शुरुआत करते हैं। उसके बाद घर का मुखिया सभी परिवार को बिठाकर उनके माथे पर लाल, हरा और पीले रंग के अबीर लगाकर उनको आशीर्वाद देते हैं। यह होली का टिक्का पूरे पांच दिन तक चलता है। पांचवें दिन रात को होलिका दहन के बाद दूसरे दिन सभी समुदाय के लोग मिलकर एक-दूसरे के घरों में जाकर नाच गाना करके होली का पर्व का मनाते हैं और सभी लोग खूब आनंद लेते हैं।