चंबा। सरकार ने हिमाचल में 26 डॉक्टरों की तैनाती के आदेश निकाले हैं, लेकिन इसमें आकांक्षी जिले को दरकिनार करक दिया गया है। 26 डॉक्टरों की सूची में एक डॉक्टर भी चंबा को नहीं मिला है।
चंबा मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में डॉक्टरों की भारी कमी है। हाल ही में सरकार ने डॉक्टरों की तैनाती के लिए जो आदेश निकाले हैं, उन्हें देखकर यही लग रहा है कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग को चंबा से कोई लेना-देना नहीं है। हैरानी की बात है कि चंबा को दरकिनार किया जा रहा है और सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक मौन धारण कर बैठे हैं।
मेडिकल कॉलेज चंबा में है 100 डॉक्टरों की कमी
चंबा मेडिकल कॉलेज को संचालित हुए पांच वर्ष हो चुके हैं। मौजूदा समय में भी मेडिकल कॉलेज में 100 डॉक्टरों की कमी है। जिले का कोई भी ऐसा सरकारी अस्पताल नहीं है, जहां डॉक्टरों की कमी न हो। बावजूद इसके सरकार की सूची में चंबा गायब है। चंबा जिले से मरीज डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज करवाने के लिए भटक रहे हैं। उन्हें बीमारी का इलाज करवाने के लिए अस्पतालों में डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। सरकार को भी चंबा के लोगों का मर्ज नजर नहीं आ रहा है।
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि चंबा मेडिकल कॉलेज में चल रही डॉक्टरों की कमी के बारे में सरकार को अवगत करवाया जा चुका है। सरकार जल्द चंबा में डॉक्टरों की नियुक्ति कर सकती है।
आकांक्षी जिला में स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से चरमराई है। ऐसे में सरकार की अनदेखी लोगों में निराशा पैदा कर रही है। सरकार को चाहिए कि जब भी प्रदेश में डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, चंबा को प्राथमिकता दी जाए। भाजपा सरकार के समय में चंबा में कई डॉक्टरों की तैनाती की गई, लेकिन कांग्रेस अब चंबा से भेदभाव कर रही है। - जय सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य
सरकार चंबा में स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ करने में काफी गंभीरता से कार्य कर रही है। मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों के पदों को भरने की सरकार ने अनुमति प्रदान की है। इसके अलावा नई मशीनें अस्पताल में लगाई जा रही हैं। सरोल में मेडिकल कॉलेज के नए भवन में मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त होंगी। नीरज नैयर, सदर विधायक।
चंबा से मरीजों को गंभीर बीमारी का इलाज करने के लिए भटकना पड़ रहा है। जिले के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के पद पूरे नहीं भरे गए हैं। - अनूप कुमार
सरकारी अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने से जब मरीज निजी अस्पताल जाता है, तो उसे इलाज करवाने के लिए मोटी रकम चुकानी पड़ती है। - कविता
सरकार और स्वास्थ्य विभाग चंबा में चल रही डॉक्टरों की कमी को देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। अन्यथा पांच साल पूर्ण होने के बाद मेडिकल कॉलेज चंबा में डॉक्टरों के सभी पद भरे होने चाहिए थे। - एहसान