चंबा के डलहौजी में विशेष कार्यक्रम के दौरान मौजूद तिब्बती समुदाए के पदाधिकारी।संवाद
डलहौजी चंबा। पर्यटन नगरी डलहौजी के गांधी चौक में तिब्बती मूल के लोगों ने विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें रिजॉल्व तिब्बत एक्ट को कानून बनाने के लिए अमेरिका सरकार और उसके नागरिकों का आभार जताया गया।
कार्यक्रम के दौरान, सेटलमेंट ऑफिसर फुरबू त्सेरिंग और एलटीए के अध्यक्ष फुरबू दामदुल ने रिजॉल्व तिब्बत एक्ट को संयुक्त राज्य के कानून में पेश करने, आगे बढ़ाने और अनुवाद करने में शामिल सभी लोगों के प्रति प्रशंसा व्यक्त करने के लिए अपना रुख दिखाया। उन्होंने भारत सरकार से तिब्बत पर समान रुख अपनाने का भी आग्रह किया। इसमें दोनों पड़ोसी देशों के बीच साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों पर प्रकाश डाला गया।
इस अवसर को उत्सव के रूप में मनाने के लिए स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को मिठाई वितरित की गई। साथ में सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए गए । इस अवसर पर एलटीए के अध्यक्ष फुरबू दामदुल ने कहा कि रिजॉल्व तिब्बत एक्ट एक ऐतिहासिक कानून है। यह तिब्बती लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार को भी बरकरार रखता है। तिब्बत की स्थिति के बारे में चीन के ऐतिहासिक दावों को खारिज करता है। इस कानून का उद्देश्य तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा और उनकी संस्था के खिलाफ चीन के गलत सूचना अभियान का मुकाबला करना है। इस कार्यक्रम में तिब्बती सरकारी और गैर सरकारी संस्थाएं मौजूद रही।