चंबा। हिमाचल पथ परिवहन निगम की लचर व्यवस्था का खामियाजा सवारियों को भुगतना पड़ रहा है। सवारियों चतरो राम, विमला देवी, चैन लाल, दिलीप कुमार, छांगा राम, संजय कुमार, सरणदास, सरवण कुमार, गौतम कुमार, बौधम, चरण सिंह आदि ने बताया कि चंबा-लिल्ह रूट पर सायं 6:30 बजे एचआरटीसी की बस चलती है। बुधवार सायं 7:00 बजे बस 60 सवारियों को लेकर बस स्टैंड से रवाना हुई। मैहला पहुंचने पर होली-फटहार रूट की बस में सवारियों की अदला-बदली कर लिल्ह रूट पर भेजा गया।
सवारियों को तर्क दिया गया कि रोड बंद होने से उन्हें दूसरी बस में बैठाया जा रहा है। सवारियों के मुताबिक एक किलोमीटर का सफर तय कर बस जब जांघी के पास पहुंची तो खराब हो गई। बस में चमेरा, ब्रेही, बकाण, कलवारा, लुडेरा, रंडोला, दाडवी, बग्गा, चूड़ी, धरवाला, लिल्ह, सेरी, किलोड़, कुनेड़, दियोटी, प्रीणा, राबा, अननेहर क्षेत्र के लोग सफर कर रहे थे। बस के ठीक न होने पर आखिरकार कई सवारियां निजी टैक्सियाें में एक हजार तक किराया अदा कर अपने गंतव्यों के लिए रवाना हुईं। जबकि, कई सवारियां सामान सिर और पीठ पर उठाकर पैदल ही अपने गंतव्यों की ओर निकले। सवारियों ने प्रदेश सरकार से मांग उठाई है कि खटारा बसें रूट पर न भेजने को लेकर एचआरटीसी चंबा डिपो प्रबंधन को सख्त निर्देश जारी किए जाएं। वहीं, निगम के अधिकारियों ने साफ किया है कि हाईवे के क्षतिग्रस्त होने के चलते सवारियों की अनमोल जिंदगियों से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। बस तकनीकी खराबी आने से बंद पड़ गई थी। सवारियों की सहूलियत के लिए दूसरी बस भेजी गई लेकिन, तब तक सवारियां अपने गंतव्यों के लिए तक कूच कर चुकी थीं।