चंबा। प्रदेश सरकार ने भले ही छात्राओं के लिए निशुल्क छात्रावास खोले हैं, लेकिन कुछ हॉस्टल ऐसे भी हैं, जहां छात्राओं की सुरक्षा रामभरोसे है।
जिला चंबा के जनजातीय क्षेत्र होली में खोले गए छात्रावास में भी कुछ ऐसे ही हालात हैं। जब से यह छात्रावास खुला है, तब से यहां न तो कोई वार्डन है और न ही चौकीदार। छात्रावास में रसोइये तक की व्यवस्था नहीं है। इस कन्या छात्रावास को खुले तीस वर्ष का लंबा समय हो चुका है। छात्रावास में 45 छात्राएं रहती हैं। इनके खाने की व्यवस्था करने का जिम्मा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय होली के स्टाफ पर ही है। स्कूल की मिड-डे मील वर्कर छात्राओं के लिए खाना पकाती हैं। स्कूल के चौकीदार के हवाले ही छात्रावास की सुरक्षा का जिम्मा है। इन छात्राओं की देखभाल के साथ पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा भी स्कूल से अध्यापकों पर ही है। हॉस्टल में वार्डन न होने से होली स्कूल की अध्यापिका को भेजा गया है। होली स्कूल में पहले से ही स्टाफ की कमी है। यहां स्वीकृत 21 में से 17 पद भरे गए हैं। अध्यापकों के चार पद रिक्त हैं। गौर रहे कि होली में छठी से लेकर 12वीं कक्षा तक 45 छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इधर, होली विद्यालय के प्रधानाचार्य विजय शर्मा का कहना है कि गर्ल हॉस्टल में वार्डन, चौकीदार और कुक के पद पिछले कई वर्षो से रिक्त पड़े हैं। हांलाकि, उन्हें स्कूल से स्टाफ को गर्ल्ज हॉस्टल भेजना पड़ रहा है। उधर, उच्च शिक्षा उप निदेशक प्यार सिंह चाढ़क का कहना है कि यह मामला ध्यान में लाया गया है। जल्द ही हॉस्टल का निरीक्षण कर जानकारी एकत्रित की जाएगी।