सलूणी (चंबा)। उपमंडल चुराह के तहत खंडियारू निवासी महिंद्र सिंह का आरोप है कि गैस सिलिंडर दो सप्ताह में ही खत्म हो गया। जब सिलिंडर को चेक किया गया तो उसमें से पानी निकलने लगा। महिंद्र का आरोप है कि खाली सिलिंडर का भार करवाने पर वजन 21.6 किलोग्राम निकला। हालांकि, खाली सिलिंडर का कुल भार 15 से साढ़े पंद्रह किलोग्राम होता है। बावजूद इसके अत्यधिक भारी सिलिंडर से पानी निकलने लगा। बताया कि 1,300 रुपये के हिसाब से उन्हें सिलिंडर के दाम चुकाने पड़ते हैं। ऐसे में खाली सिलिंडरों से निकलने वाला पानी एजेंसी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और उपमंडलाधिकारी नागरिक चुराह से मामले की निष्पक्षता के साथ जांच करवा कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
खंडियारू निवासी राकेश कुमार, संजीव कुमार, दिलीप कुमार, अमित कुमार आदि ने बताया कि घरेलू गैस सिलिंडरों में पानी भरकर लोगों की चपत लगाई जा रही है। बताया कि इससे पहले भी रमेश कुमार के खाली सिलिंडर में दो लीटर पानी निकल चुका है। बताया कि वर्तमान में 1,300 रुपये का सिलिंडर मिल रहा है। इसमें लाेगों को महज 6-7 किलोग्राम ही गैस जलाने को मिल रही है। ग्रामीणों ने कहा कि गैस एजेंसी प्रबंधन की इस कारगुजारी का खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। पराशर गैस एजेंसी के प्रबंधक रमेश कुमार ने बताया कि समस्या ध्यान में लाई गई है। बताया कि पीछे से आने वाले सिलिंडरों को क्षेत्र में भेज दिया जाता है। बहरहाल, इसकी शिकायत कंपनी प्रबंधन से की जाएगी।