चंबा के सत्संग भवन बनीखेत में सत्संग सुनते श्रधालू।संवाद
डलहौजी (चंबा)। निरंकारी सत्संग भवन बनीखेत में वंदना की अध्यक्षता में सत्संग का आयोजन किया गया।
उन्होंने कहा कि परमात्मा को जानना ही नहीं, परमात्मा को मानना भी जरूरी है। परमात्मा को मानने में तभी आनंद है, जब हम परमात्मा को जान लेते हैं। कहा कि परमात्मा कण-कण में व्याप्त हैं। इसका बोध पूर्ण गुरु से ही संभव है। परमात्मा के बोध का सही आनंद तभी आता है, जब हम सद्गुरु के बताए रास्ते पर चलें। उन्होंने कहा कि सद्गुरु का यहीं संदेश है कि गृहस्थ जीवन में रह कर ही इंसानियत की सेवा करें। संवाद