मेडिकल कॉलेज चंबा की लैब में टेस्ट के लिए सैंपल लेते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी।संवाद
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चंबा। पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में 50 दिन बाद मरीजों के मुफ्त टेस्ट शुरू हो गए हैं। प्रबंधन को लैब में खराब मशीन को दुरुस्त करवाने में डेढ़ माह से अधिक का समय लग गया। इसकी वजह से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आयुष्मान और हिमकेयर कार्ड धारक मरीजों का जहां पूरा इलाज मुफ्त होता है वहीं मशीन खराब होने से इन मरीजों को भी पैसे देकर निजी लैबों में अपने टेस्ट करवाने पड़े।
अमर उजाला ने मरीजों की समस्या को गंभीरता से देखते हुए प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किए। इसके परिणाम स्वरूप प्रबंधन ने खराब मशीन को दुरुस्त करवाकर उन्हें राहत प्रदान की। जिन टेस्टों को सरकारी प्रयोगशाला में मुफ्त किया जाता है, उनके मरीजों से निजी लैैबों में मनमाने दाम वसूले गए। यहां तक कि 10 रुपये में होने वाले यूरिन टेस्ट के निजी लैबों में 300 से 500 रुपये लिए गए। इसी तरह अन्य टेस्टों के भी मनमाने दाम वसूले गए।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज में रोजाना 1,000 की ओपीडी रहती है। इसमें चिकित्सक मरीजों को उनकी बीमारी का पता लगाने के लिए जरूरी टेस्ट भी लिखते हैं। सरकारी प्रयोगशाला में मशीन खराब होने के कारण मरीजों को निजी लैब में ये टेस्ट करवाने पड़ रहे थे। तीमारदारों अशोक कुमार, हंसराज, रवि कुमार, चैन लाल, केवल सिंह और जय सिंह ने बताया कि 50 दिन के बाद अस्पताल में मुफ्त टेस्ट शुरू हुए हैं। उन्होंने प्रबंधन से मांग की है कि प्रयोगशाला में अतिरिक्त मशीनें स्थापित करनी चाहिए ताकि भविष्य में मशीन खराब होने पर मरीजों को परेशानी न झेलनी पड़े।
कार्यकारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि खराब मशीन को दुरुस्त करवा दिया गया है। अब मरीजों के सरकारी लैब में ही मुफ्त टेस्ट किए जा रहे हैं।