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Chamba News: कश्मीरी मोहल्ला में भूस्खलन के बाद चार परिवारों ने छोड़े मकान

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चंबा। खून-पसीने की कमाई से अपने आशियाने तैयार करने के बाद अब बुढ़ापे मेें शरणस्थली बने जनजातीय सराय के कमरों में ही परिवार समेत चौगान वार्ड के कश्मीरी मोहल्ला के चार परिवार रातें काटने को विवश हैं। कश्मीरी मोहल्ले के साथ पहाड़ी से निरंतर भूस्खलन हो रहा है। आलम, ये है कि सुबह से लेकर रात तक शरणार्थियों का समय यहीं पर कट रहा है जबकि, सुबह, दोपहर और शाम को खाना बनाने के लिए प्रभावित परिवारों को न चाहते हुए भी अपने घरों को लौटना पड़ता है। हालांकि, जुलाई 2023 में मोहल्ले के साथ पहाड़ी पर होने वाले भूस्खलन के दौरान उन्हें यहां ये दूसरी जगह शिफ्ट करवाकर खाने की भी व्यवस्था की गई थी लेकिन, एक वर्ष से इस ज्वलंत समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। लिहाजा, अब जिला प्रशासन पर ही प्रभावित परिवारों को उम्मीद है। चार परिवारों में अमूमन 20 बच्चे, बूढ़े और जवान शरणार्थी बने हुए हैं जिन्हें कहीं से भी सकारात्मक उम्मीद नहीं मिल पाई है।
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प्रशासन की ओर से एक कमरा दिया गया है। सराय के संकीर्ण कमरे में एक ही शौचालय है। ऐसे में यहां पर परिवार के सदस्यों को दिक्कतें पेश आ रही हैं। पोते-पोती की भूख मिटाने के लिए बहू और बेटा भूस्खलन ग्रस्त पहाड़ी के साथ स्थित घर में जाकर खाना बनाकर लाते हैं। प्रशासन को इसके लिए उचित समाधान करना चाहिए। -परवीन, प्रभावित कश्मीरी मोहल्ला।
कई सालों से कश्मीरी मोहल्ला में भूस्खलन का क्रम जारी है। अभी तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। हांलाकि, जिला प्रशासन की ओर से डीपीआर बनाकर स्वीकृति के लिए भेजने की बात कही गई है। अब डीपीआर को स्वीकृति मिलने और प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा एवं बचाव संबंधी कार्य के आरंभ होने की उम्मीद है। -रमेश कुमार, प्रभावित कश्मीरी मोहल्ला।
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परिवार समेत जनजातीय सराय में समय व्यतीत करने को लेकर शरणस्थली मुहैया करवाई गई है। यहां पर ठंड के मौसम में हीटर समेत अन्य खाने-पीने की कोई भी व्यवस्था नहीं है। आपदा प्रबंधन की ओर से यहां पर बजट को स्वीकृत करवाकर प्राथमिकता के आधार पर रॉक में लोहे गाड़कर सीमेंट का कार्य करवाना चाहिए। -गायत्री, प्रभावित कश्मीरी मोहल्ला।
भूस्खलन की जद में आशियाना आ चुका है। कई सालों से यह क्रम जारी है। बारिश के दिनों में कई रातें जागते हुए काटी हैं। समस्या का स्थायी हल नहीं हो पाया है। इस वजह से एक बार फिर से भूस्खलन होने पर अब परिवार सहित सराय में आकर दिन काटने पड़ रहे हैं। अब जिला प्रशासन पर ही आस है। -प्रिया देवी, प्रभावित कश्मीरी मोहल्ला।

उपमंडलाधिकारी नागरिक अरुण शर्मा ने बताया कि प्रभावित परिवारों को सराय में ठहराया गया है। एक कमेटी गठित कर मोहल्ले में भूस्खलन से प्रभावित होने वाले घरों संबंधी रिपोर्ट बनाकर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। बताया कि दो दिन के भीतर यह रिपोर्ट उनके पास पहुंच जाएगी। इसके अलावा भूस्खलन की रोकथाम के लिए डीपीआर बनाकर स्वीकृति को भेजी गई है। स्वीकृति मिलने पर प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा संबंधी कार्य आरंभ करवाया जाएगा।
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