डलहौजी (चंबा)। डलहौजी पब्लिक स्कूल में पूर्व केंद्रीय सेना कमांडर इकरूप सिंह घुमन पहुंचे। स्कूल प्रशासन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने अपनी यात्रा की यादगार घटनाओं के बारे में बच्चों को बताया।
साथ ही अपने अनुभव भी साझा किए। इसके अलावा स्कूल और भारतीय सशस्त्र बलों के प्रतीक अनुशासन और समर्पण के मूल्यों के बीच मजबूत संबंध के बारे में भी जानकारी दी। सर्वप्रथम लेफ्टिनेंट जनरल और उनकी पत्नी ने शहीद नायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। यह भाव उन लोगों के प्रति गहरे सम्मान और श्रद्धा को रेखांकित करता है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपने जीवन का बलिदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए उन्होंने पूरे स्कूल में स्पष्ट अनुशासन और समर्पण को सराहनीय बताया। इस स्कूल की तरह अनुशासन उन्होंने किसी भी संस्थान में नहीं देखा। बताया कि यह एक ऐसा गुण है, जिसे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में गहराई से महसूस किया जाता है। डलहौजी पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष और निदेशक डॉ. (कैप्टन) जीएस ढिल्लों ने उन्हें सम्मानित किया। साथ ही स्कूल में उपस्थिति पर आभार जताया। कहा कि विद्यार्थियों के बीच उनके द्वारा किए गए संवाद का उन्हें काफी लाभ होगा।