चंबा। जनजातीय क्षेत्र पांगी की 19 पंचायतों की महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञ से इलाज करवाने के लिए 200 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ रही है।
कई बार गर्भवती महिलाओं का प्रसव ऑपरेशन से करवाना पड़ता है। ऐसी परिस्थिति में गर्भवती महिलाओं को पहले 200 किमी का सफर तय कर चंबा मेडिकल कॉलेज पहुंचना पड़ता है। यहां उन्हें महिला रोग विशेषज्ञ की सुविधा प्राप्त होती है। सर्दी के मौसम में साच पास मार्ग बंद रहता है। ऐसे में गर्भवती महिला को वाया जम्मू-कश्मीर चंबा पहुंचने के लिए 600 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ता है। इतनी लंबी दूरी वाहन के जरिये गर्भवती महिला के लिए तय करना मुश्किल होता है। इसलिए पांगी की जनता पिछले कई सालों से सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मांग कर रही है कि किलाड़ अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती करवाई जाए, लेकिन अभी तक किसी भी सरकार ने पांगी में महिला रोग विशेषज्ञ तैनाती को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। यही कारण है कि पांगी की महिलाओं को महिला रोग विशेषज्ञ से अपनी बीमारी का इलाज करवाने के लिए पहले सैकड़ों किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
दो वर्ष पहले किलाड़ अस्पताल में किसी गर्भवती का इमरजेंसी में प्रसव करवाना पड़ा तो वहां मौजूद सर्जन ने टांडा के महिला रोग विशेषज्ञ से मोबाइल में वीडियो कॉल के जरिये सहायता लेकर प्रसव करवाया। अन्यथा, गर्भवती को कुछ भी हो सकता था। इसके बाद भी किलाड़ में विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की गई। पांगी वासी अशोक कुमार, राज कुमार, वीरेंद्र राणा, प्यार चंद, प्रकाश चंद, योगराज और अमर चंद ने सरकार से मांग की है कि पांगी अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती की जाए।
उधर, खंड चिकित्सा अधिकारी पांगी डॉ. सुभाष चौहान ने बताया कि पांगी में चल रही चिकित्सकों की कमी के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत करवा दिया गया है।