सलूणी (चंबा)। विकास खंड सलूणी की ग्राम पंचायत भुनाड़ के थल गांव के 18 वर्षीय अंकित अनाथ होकर भी सरकारी सुविधाओं से दूर हैं। छह साल पहले उनके पिता का निधन हो चुका है और मां उसके बाद से ही लापता है। स्थायी घर न होने और आर्थिक तंगी के चलते अंकित अपनी ताई के घर में रह रहा है। ताई दिहाड़ी लगाकर कर दो वक्त का खाना जुटाती है। उनके परिवार में भी कोई कमाने वाला नहीं है। अंकित ने दसवीं तक पढ़ाई की है, लेकिन हालात के आगे वह शिक्षा पूरी नहीं कर पाया। पुश्तैनी मकान भी जर्जर हालत में है। ताई काली देवी का कहना है कि स्थानीय प्रशासन ने अब तक परिवार का निरीक्षण नहीं किया है और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी अंकित तक नहीं पहुंच सका। उसकी माता के लापता होने की रिपोर्ट भी पुलिस में करवाई है, जिसका आज दिन तक कोई सुराग नहीं मिला है। ऐसे में युवक को किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला है। वहीं, पंचायत प्रधान टेक चंद ने बताया कि जियो टेकिंग की वजह से युवक को मकान नहीं मिल सका। उसकी माता लापता है। ऐसे में उसे किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।