भरमौर (चंबा)। भरमौर-भरमाणी मार्ग पर हुई टैक्सी दुर्घटना में कहीं न कहीं लोक निर्माण विभाग और स्थानीय प्रशासन की गलती भी मानी जा रही है। जहां यह दुर्घटना हुई है, वहां सड़क का डंगा काफी समय से धंसा हुआ था।
इसकी मरम्मत के लिए स्थानीय लोग कई बार विभाग और प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन लोगों की मांग को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। इसका खामियाजा मणिमहेश यात्रा पर आए तीन श्रद्धालुओं को जान गंवाकर चुकाना पड़ा। स्थानीय लोग प्रशासन और विभाग से मांग कर रहे थे कि इस मार्ग को चौड़ा किया जाए, जिससे यात्रा के दौरान वाहनों की आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी पेश न आए। यह मार्ग काफी तंग है। ऐसे में पास देते समय दुर्घटना होने का खतरा रहता है। बारिश होने पर इस मार्ग पर गाड़ी चलाना काफी मुश्किल हो जाता है। मार्ग पर फिसलन बढ़ जाती है। यह समस्या आज की नहीं है, बल्कि कई सालों से चल रही है। स्थानीय लोगों में हंसराज, केवल कुमार, राजेश कुमार, सुरेंद्र शर्मा, पंकज, रवि और देसराज ने बताया कि सड़क से लुढ़कने के बाद टैक्सी सेब के पेड़ों से टकराकर रुक गई। इसके चलते बाकी लोगों की जान बच गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना वाले स्थान पर सड़क की मरम्मत करवाई जाए।
लोक निर्माण मंडल भरमौर के सहायक अभियंता विशाल चौधरी ने बताया कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई है, वहां उनकी टीम ने निरीक्षण किया है। सड़क बिलकुल ठीक है।