चंबा। कर्मचारी वर्ग और पेंशनरों ने कांग्रेस सरकार को दस गारंटियों में शामिल पुरानी पेंशन बहाली के वायदे के तहत ही सत्तासीन होने के लिए मदद की। बावजूद इसके अभी तक कर्मचारी वर्ग और पेंशनरों को डीए की किस्त तक नहीं मिल पाई है। भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ के प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष डीके सोनी और चंबा मंडलाध्यक्ष अशोक शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए की किस्त तक न मिलने से वे अपनेआप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हालांकि, इसके उलट राजस्थान में कर्मचारी और पेंशनरों को 42 प्रतिशत डीए दिया जा चुका है। इतना ही नहीं कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में अपने भाषण के दौरान कर्मचारियों, पेंशनरों का डीए और डीआर को रोकना लूट और अपराध बताया है। बावजूद इसके उनकी इस बात को हिमाचल सरकार दरकिनार कर रही है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2022 में जेसीसी की बैठक में सभी विचारधाराओं के 120 प्रतिनिधि कर्मचारियों, मुख्य सचिव और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष जो फैसले हुए हैं उन्हें तुरंत लागू किया जाए। इसके अलावा जेसीसी की बैठक तुरंत आयोजित होनी चाहिए जिससे सरकार प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों की समस्याओं का समाधान कर सके। इस दौरान भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ ने कार्यकारिणी का विस्तार करते हुए देवव्रत बड़ोत्रा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया। इस अवसर पर बजीर सिंह यादव, देवेंद्र बगलवान, लोकिंद्र शर्मा, लेखराज धीमान, धर्मवीर शर्मा, जगदीश चंद, अशोक महाजन, गायत्री दत्त, राजेंद्र कुमार, प्रमोद शर्मा, सुभाष पाठक, कुलदीप सिंह और पृथी सिंह मौजूद रहे।