पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र पांगी में आपसी सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक जुकारू उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। बुधवार को साच और शौर पंचायतों में पंजालू मेला धूमधाम से मनाया गया।
पंजालू मेले के तहत दोनों पंचायतों के लोगों ने मुखौटे पहनकर बुरी आत्माओं को गांव से भगाया। वहीं, किलाड़ मुख्यालय की ओर से निचले किलाड़, धरवास, सुराल, करियास गांव में पंजालू मेले के दौरान नव विवाहित महिलाएं इस दिन अपने मायके लौटती हैं। इनकी आवभगत के लिए परिवार विशेष व्यंजनों समेत गीत-संगीत का भी रात के समय इंतजाम करते हैं। जनजातीय क्षेत्र पांगी में जुकारू उत्सव के तहत 12 दिन तक विभिन्न गांवों में मेले, उत्सव और गीत-संगीत का कार्यक्रम चलता रहेगा।
गुरमीत सिंह, मान सिंह, प्रेम लाल, भजन सिंह, रामनाथ, प्रेम दयाल, रत्न सिंह, जय सिंह, भाग सिंह और अमर नाथ ने बताया कि जकारू उत्सव के तहत साच और शौर पंचायतों में बुधवार को पंजालू मेला धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान मुखौटे पहनकर लोग गद्दी-गद्दण का रूप धारण करते हैं।
लोगों के हाथों में रम्मी (कुल्हाड़ी) होती है। इससे पूरे गांव की परिक्रमा कर बुरी आत्माओं को गांव से भगाते हैं। इसके अलावा जनजातीय क्षेत्र के किलाड़ की ओर से निचले किलाड़, धरवास, सुराल, करियास में नव विवाहिता अपने मायके लौटती हैं। नवविवाहितों के लिए यह दिवस विशेष तौर पर मनाया जाता है। इस दौरान विशेष पकवानों के तहत घरों में सूखा मीट, सत्तू, मटर, पनीर, मुर्गा समेत विशेष पकवान बनाए जाते हैं। बताया कि वीरवार को पांगी में जुकारू उत्सव के तहत छयालू मेला आयोजित होगा। बताया कि छयालू मेले के दौरान जुकारू उत्सव मनाने से शेष बचे गांवों जैसे मिंधल पंचायत के अंच, साच में काली माता की पूजा की जाती है।