तीसा (चंबा)। चुराह उपमंडल की दियोला पंचायत के 12 गांवों के बच्चे जान जोखिम में डालकर उफनते गढ़ोड नाले को पार कर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जसाैरगढ़ में शिक्षा हासिल करने के लिए पहुंच रहे हैं। गढ़ोड नाले में बनी पुलिया करीब 15 साल पहले भारी बारिश के बाद नाले में जलप्रवाह की भेंट चढ़ चुकी है। इस वजह से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। ऐसे में मजबूरन विद्यार्थी स्कूल पहुंचने के लिए उफनता हुआ नाला पार कर दूसरी पंचायत में पहुंचने के लिए विवश हैं। हालांकि, दियोला पंचायत से एक से डेढ़ घंटे की खड़ी चढ़ाई चढ़ने के बाद सड़क के जरिये भी दूसरी पंचायत तक पहुंचा जा सकता है। बावजूद इसके अधिक दूरी होने के चलते ग्रामीण और विद्यार्थी नाले से होकर ही आवाजाही करना सुगम समझते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नाले में बही पुलिया के बाद से लेकर अब तक किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली है। इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
दियोला पंचायत के गांव कुठेड़, चोंरी, मालून, जेरा, कुंडोलू, धोगरियाडा, बग्गा, शेरा समेत जसौरगढ़ के गांव गढ़ोड, जसौर, झंडेरा, मढ़ेली, उडुआ, चुखड़ा, बुरेला और हादायी गांवों के लोगों और स्कूली बच्चों को इस नाले से ही होकर आवाजाीह करनी पड़ती है। उफनते नाले के भय से अभिभावकों को हर पल अपने बच्चों की चिंता सताती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में कई बार गढ़ोड नाले का जलस्तर बढ़ जाता है। इससे कई बार बच्चे डर के मारे नाला पार नहीं पर पाते हैं। घरों से परिवारों को कई बार रस्सी के जरिये ही बच्चों को नाला पार करवाना पड़ता है।
वीरेंद्र ठाकुर, नेक सिंह, राकेश कुमार, रतन चंद, रमेश कुमार, बंशी लाल, कर्म सिंह शर्मा, साहब सिंह शर्मा, धनपत, लुकेंद्र ठाकुर, दिनेश कुमार आदि ने बताया कि नाले पर पुल के अभाव में परेशानियां उठानी पड़ रही है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से समस्या के समाधान की मांग की है।
दियोला प्रधान परमु देवी ने बताया कि नाले में पुलिया के निर्माण को लेकर पंचायत की ओर से प्रस्ताव बनाकर विकास खंड अधिकारी कार्यालय को भेजा गया है। अब दोबारा प्रस्ताव भेजा जाएगा।
जसौरगढ़ प्रधान इलम राम ने बताया कि बीते वर्ष नाले पर बनी पुलिया बनाने के लिए 10 लाख का प्रस्ताव बनाकर उपायुक्त कार्यालय को भेजा गया है। इस पर अभी तक गौर नहीं फरमाया गया है।
विकास खंड अधिकारी निशी महाजन ने बताया कि उन्हें इसके बारे में जानकारी नहीं है। यदि ऐसी बात है तो इसके बारे में जानकारी जुटाकर पंचायत प्रतिनिधियों से लिखित प्रस्ताव मांगे जाएंगे।