चंबा में चुराह के मंगली के जालू गांव में भूस्खलन को लेकर निरीक्षण करती संयुक्त टीम।संवाद
तीसा (चंबा)। चुराह विधानसभा क्षेत्र की मंगली पंचायत के जालू गांव में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) की टीम पहुंची है। चंडीगढ़ से आई इंजीनियरों की टीम ने पहाड़ी पर चट्टानें लटकने से गांव को पैदा हुए खतरे को लेकर निरीक्षण किया। इस दौरान लोक निर्माण विभाग मंडल तीसा के अधिकारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पंचायत प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
जुलाई में बरसात के दौरान गांव के ऊपर ये चट्टानें खतरा बनकर खड़ी हो गई हैं। ये चट्टानें धीरे-धीरे जमीन धंसने से गांव के लिए खतरा बन गई हैं। कुछ माह पहले बरसात के मौसम में पंचायत ने गांव में रहने वाले 25 परिवारों को घरों से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया था। बारिश के दौरान चट्टानों के गिरने का खतरा बढ़ गया था। ऐसे में सर्दी का मौसम शुरू होने पर यह खतरा फिर बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन ने चंडीगढ़ से इंजीनियरों की टीम को बुलाकर गांव का निरीक्षण करवाया है। साथ ही इन चट्टानों को गांव में गिरने से रोकने के लिए विकल्प तलाशने का प्रयास किया जा रहा है। टीम निरीक्षण कर चट्टानों को सुरक्षित तरीके से हटाने या तोड़ने का विकल्प तलाश करेगी। तब तक के लिए ग्रामीणों को डर के साये में ही जीवन यापन करना पड़ेगा। मंगली पंचायत की प्रधान होम देई ने बताया कि चंडीगढ़ से आई इंजीनियरों की टीम ने जालू गांव का निरीक्षण किया है। गांव को समय रहते इस चट्टानों से नहीं बचाया गया तो आने वाले समय में इसके बुरे परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इसलिए उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि इस खतरे को टालने के लिए शीघ्र उचित प्रबंध किए जाएं।
चुराह की मंगली पंचायत के जालू गांव को जुलाई माह प्रशासन को खाली करवाना पड़ा था। गांव के ऊपर बड़ी-बड़ी चट्टानें भूस्खलन से खिसककर मिट्टी पर फंसी हैं। ये किसी भी समय गांव के उपर गिर सकती हैं। बारिश होने पर गांव में रहने वाले परिवारों को घर से बाहर ही रात बितानी पड़ती है। सर्दी में बर्फबारी व बारिश होने से ये चट्टानें खिसकर कभी भी गांव के ऊपर गिर सकती हैं। इसलिए प्रशासन इस खतरे के समाधान में जुटा हुआ है।