चंबा। जनजातीय क्षेत्र भरमौर में 20 दिन से फंसीं हिमाचल पथ परिवहन निगम की आठ बसें आखिरकार चंबा डिपो में लौट आई हैं। इनकी रुटीन चैकिंग और मरम्मत कार्य करने के बाद प्रबंधन ने इन्हें निर्धारित रूटों पर भेज दिया है। वहीं होली उपमंडल में फंसीं पांच बसें 27 दिन के बाद बस अड्डा चंबा नहीं पहुंच पाई हैं। सवारियों को आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए बसों की अदला-बदली कर ही उन्हें गंतव्यों तक पहुंचाया जा रहा है। कुल मिलाकर रावी नदी और चोली नाले में पुलों के धराशायी होने से हिमाचल पथ परिवहन निगम की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा रहा।
गौरतलब है कि होली उपमंडल के तहत चोली नाले पर बना पुल भारी भरकम मालवाहक वाहनों की आवाजाही के कारण 20 दिन पहले धराशायी होने से एक व्यक्ति की मौत और एक घायल हो गया था। लोगों की सहूलियत के लिए भरमौर प्रशासन के निर्देशानुसार लोक निर्माण विभाग की ओर से चोली नाले में अस्थायी रास्ता बनाकर लोगों की आवाजाही को बहाल करवाया गया। दो दिन बाद भरमौर-पठानकोट हाईवे पर लूणा नामक स्थान पर पहाड़ दरकने से 1971 में निर्मित सीमेंट पुल भी धराशायी हो गया। इसके साथ ही निगम की भी 12 बसें होली और भरमौर में फंस गईं। जिला प्रशासन के निर्देशानुसार लूणा में हाईवे प्रबंधन ने युद्धस्तर पर कार्य करते हुए लोहे का बैली ब्रिज स्थापित करवाकर वाहनों की आवाजाही के लिए बहाल करवाया। इसके बाद जनजातीय क्षेत्र भरमौर में फंसी नगरोटा डिपो की दो, पालमपुर और पठानकोट डिपो की 1-1 और चंबा डिपो की 4 बसें 20 दिन बाद वहां से निकाली जा सकीं। हांलाकि लोगों की सहूलियत के लिए बसों की अदला-बदली करके सवारियों को उनके गंतव्यों तक पहुंचाने का क्रम बदस्तूर जारी रहा। अब हाईवे प्रबंधन की ओर से एचआरटीसी को हाईवे की एनओसी जारी करने के बाद निगम की बसें पहले की तरह ही सरपट रूट पर चलनी आरंभ हो गई हैं।
एनएच मंडल चंबा के अधिशासी अभियंता संजीव महाजन ने बताया कि एचआरटीसी को हाईवे पर लोहे का बैली ब्रिज स्थापित करवाने के बाद एनओसी जारी कर दी गई है। इससे यातायात व्यवस्था पहले की तरह सुचारू है।
एचआरटीसी चंबा डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक शुगल सिंह ने बताया कि भरमौर में फंसी बसें चंबा बस स्टैंड पहुंच चुकी हैं। हाईवे की एनओसी मिलने के बाद बस सेवा को दोबारा सुचारु करवा दिया गया है।