चंबा के बकलोह में तिलक लगाता गोरखा समुदाय का व्यक्ति।संवाद
चुवाड़ी (चंबा)। विजय दशमी के बाद बकलोह में गोरखा समुदाय के लोगों ने पांच दिवसीय दशहरा टिक्का का शुभारंभ किया। इस दौरान गोरखा समुदाय के प्रत्येक घर के मुखिया ने खेत्री (जौ) को काटकर दही, चावल और लाल गुलाल मिलाकर सभी देवताओं को चढ़ाया जाता है। इसके बाद बीजे हुए खेत्री को पुरुषों के कानों और महिलाओं के बालों में लगाया। इस दौरान मुखिया ने घर में आए सभी सगे-संबंधियों को दक्षिणा के रूप मे पैसे भी दिए। यह त्योहार पांच दिन तक इसलिए चलता है, क्योंकि कई परिवारों के सदस्यों को देश व विदेश से आने में समय लगता है। अब अंतिम दिन सभी गोरखा समुदाय के लोग घरों में बीजे हुए खेत्री को नदियों में प्रवाहित करेंगे।