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Chamba News: डीसी के हस्तक्षेप से ब्रेन हेमरेज के मरीज को डेढ़ घंटे बाद मिली एंबुलेंस

Wed, 01 May 2024 10:52 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
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चंबा मेडिकल कॉलेज परिसर में खड़ी एंबूलेंस।संवाद
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चंबा। ब्रेन हेमरेज के मरीज को पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज चंबा में डेढ़ घंटा देरी से एंबुलेंस की सुविधा मिली।
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इसके लिए तीमारदारों को जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाना पड़ा। तब जाकर उन्हें एंबुलेंस की सुविधा मिली। मरीज को मेडिकल कॉलेज चंबा से टांडा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज चंबा की तीन एंबुलेंस खराब हैं। यह सड़क किनारे धूल फांक रही हैं। मेडिकल कॉलेज प्रबंधन आचार संहिता का हवाला देकर उनकी मरम्मत नहीं करवा रहा है। इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
बुधवार सुबह 10:00 बजे जोवनू पत्नी दिवंगत हंस निवासी कुनबग को बेसुध हालत में उपचार के लिए लाया गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार देकर मरीज को ब्रेन हेमरेज बताया। मरीज को टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। जब परिजनों ने मरीज को टांडा ले जाने के लिए प्रबंधन से एंबुलेंस की सुविधा मांगी तो उन्हें तर्क दिया गया कि तीन एंबुलेंस खराब हो चुकी हैं। एक एंबुलेंस मुख्यमंत्री दौरे को लेकर रिजर्व रखी गई हैं। ऐसे में जब परिजनों ने उपायुक्त से संपर्क साधा तो उनके हस्तक्षेप पर मरीज को एंबुलेंस मुहैया हो पाई।
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तीमारदारों का कहना था कि उनके मरीज को मेडिकल कॉलेज में प्राथमिक उपचार तो समय पर मिल गया, लेकिन एंबुलेंस के लिए डेढ़ घंटा मशक्कत करनी पड़ी। यह सरकार और स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था को दर्शाता है। गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज से इमरजेंसी में रोजाना चार से पांच मरीज रोजाना टांडा मेडिकल कॉलेज रेफर किए जाते हैं। इन मरीजों को टांडा पहुंचने के लिए एंबुलेंस सेवा के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ती है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज के एंबुलेंसी खराब होना अच्छी बात नहीं है। मजबूरन, मरीजों को निजी वाहन या एंबुलेंस कर टांडा जाना पड़ रहा है। उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर बिपन ठाकुर ने बताया कि रेफर मरीज को एंबुलेंस मुहैया करवा दी गई है। खराब एंबुलेंस को ठीक करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

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