चंबा। चंबा जिला मुख्यालय में बीते चार दिनों से पेयजल संकट गहराता जा रहा है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण जल आपूर्ति की मुख्य लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसके चलते नगर परिषद को टैंकरों के माध्यम से पानी मंगवाना पड़ रहा है। वर्तमान में पानी की आपूर्ति के लिए प्रशासन को धरवाला और बजेरा मार्ग पर स्थित प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इन स्रोतों से टैंकर पानी भरकर मुख्यालय के विभिन्न हिस्सों में पहुंचा रहे हैं। पानी की किल्लत का असर केवल आम जनजीवन ही नहीं, बल्कि अस्पताल, स्कूलों और प्रशासनिक दफ्तरों पर भी पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें रोजाना कई किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है, या फिर टैंकरों का इंतजार करना पड़ता है। प्रशासन ने स्वीकार किया है कि मौजूदा स्थिति असामान्य है और जल्द ही पेयजल लाइन की मरम्मत कर आपूर्ति बहाल करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन फिलहाल के लिए केवल टैंकर ही एकमात्र सहारा बने हुए हैं।