भरमौर (चंबा)। भरमौर के मिनी सचिवालय भवन में परियोजना सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने की।
उन्होंने कहा कि भरमौर में वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान 48 करोड़ 20 लाख खर्च किए जाएंगे। उन्होंने विकास कार्यों की समीक्षा भी की। स्थानीय विधायक एवं उपाध्यक्ष परियोजना सलाहकार समिति डॉ. जनक राज भी मौजूद रहे। मंत्री ने सरकार की योजनाओं का लाभ ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में किसानों-बागवानों और पशुपालकों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न विभागाें को संयुक्त जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। एडीएम को जागरूकता शिविरों की विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर इनमें पंचायतीराज, युवक, महिला मंडलों की सहभागिता बढ़ाने को कहा। मंत्री ने उद्यान विभाग के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा भी की। बागवानों को जलवायु आधारित विभिन्न प्रजातियों के उन्नत किस्म के फलदार पौधे उपलब्ध करवाने के अधिकारियों को निर्देश दिए। उपमंडल के बिक्री केंद्रों के माध्यम से विभिन्न किस्मों के बीज उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए। उद्यान विभाग के उलांसा स्थित सेब उद्यान में प्रदर्शनी इकाई को का लगाने को कहा। पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान अधिकारी ने बताया कि शीप डीपिंग टैंक भरमाणी का कार्य सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।
बताया कि 15 अक्तूबर से 25 सितंबर तक भेड़पालकों से ऊन खरीदने को विशेष शिविर लगाए जाएंगे। जल शक्ति विभाग को विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के दौरान लंबित पेयजल योजना प्रघांला-लाहल की जांच के भी निर्देश दिए। गत 3 वर्षों में 5 लाख तक राशि की निविदाओं की सूचना भी अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी को भेजने के निर्देश दिए। हेलीपैड से 84 मंदिर के समीप सीवरेज लाइन भी बदलने को कहा। मंत्री ने मणिमहेश यात्रा से पहले चंबा-भरमौर उच्च मार्ग की स्थिति में सुधार और ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए। लोक निर्माण विभाग को खणी-अर्की संपर्क मार्ग, बन्नी माता और पलानी पुल के निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा। राजकीय महाविद्यालय भरमौर के निर्माणाधीन भवन का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा।
मंत्री ने एसडीएम को निर्देश दिए कि भरमौर के ऐतिहासिक 84 मंदिर परिसर का किसी वास्तुकार के माध्यम से मास्टर प्लान तैयार करवाएं। मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विकास के लिए सरकार धन उपलब्ध करवाएगी।