चंबा। जिला उपायुक्त के आवास, ऐतिहासिक इमारतों सहित मोहल्ले के 18 लोगों के मकानों पर भूस्खलन का खतरा मंडरा रहा है।
शहर के चौगान वार्ड के तहत कश्मीरी मोहल्ला भूस्खलन की चपेट में है। यह समस्या पिछले करीब पांच साल से है, लेकिन आज तक इसकी सुध नहीं ली गई है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त से भी मिला है। भूस्खलन को रोकने के लिए कोई प्रयास न होने पर लोगों ने अब प्रशासन को दस दिन का समय दिया है। लोगों ने चेतावनी दी है कि अगर दस दिन के भीतर इस बारे में कोई प्रयास नहीं किए गए तो वे क्रमिक अनशन शुरू करेंगे। लोगों ने लोकसभा चुनावों के बहिष्कार का भी एलान कर दिया है।
प्रभावितों में रमेश चंद, अमित पाल, विक्टर मसीह, सैमसन, जॉन स्टीफन, सैमुअल, प्रवीण आनंद, विशाल आनंद, परवेज डैनियल, डॉ. विशाल महाजन और सुरेश महाजन आदि ने बताया कि पिछले काफी सालों से यहां भूस्खलन हो रहा है। प्रशासन और सरकार की ओर से इस बारे में कोई सकारात्मक पहल नहीं की जा रही है। ऐसे में उनके आशियानों समेत ऐतिहासिक धरोहरें खतरे की जद में हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस बारे में जल्द उचित कदम उठाए जाएं। उपायुक्त मुकेश रेपस्वाल ने कहा कि यह मामला ध्यान में है। कहा कि जल्द ही इस बारे में उचित प्रयास किए जाएंगे, जिससे लोगों के घरों को नुकसान न पहुंचे।
चौगान और भूरि सिंह संग्रहालय भी जद में
ऐतिहासिक चौगान सहित, बाबा श्री चंद गुरुद्वारा, अग्निशमन केंद्र, उपायुक्त आवास, भूरि सिंह संग्रहालय और श्याम सिंह अस्पताल सहित करीब 18 मकान इस क्षेत्र में हैं। बहरहाल, लोगों को हर समय भूस्खलन होने का खतरा लगा रहा है।
उपायुक्त चंबा मुकेश रेपस्वाल ने बताया कि सोमवार को उपमंडल अधिकारी नागरिक की अगुवाई में लोक निर्माण और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण किया है। पहले भी लोक निर्माण विभाग ने मोहल्ले में भूस्खलन को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा है। प्रदेश आपदा प्रबंधन से स्वीकृति मिलने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है।
उपमंडल अधिकारी नागरिक अरुण शर्मा ने बताया कि उपायुक्त के निर्देशानुसार तहसीलदार को लेकर कश्मीरी मोहल्ले का निरीक्षण किया गया है। दो-तीन मकान को अत्यधिक खतरा होने की सूरत में उन्हें दूसरी जगह पर शिफ्ट करवाया जाएगा।