ताबड़तोड़ स्कूल खोलने की प्रथा से चंबा में शिक्षकों की भारी कमी हो गई है। खासतौर पर स्कूलों में जेबीटी शिक्षक नहीं मिल पा रहे हैं। चंबा में दो हजार 475 जेबीटी शिक्षकों की जरूरत है, जबकि इस समय दो हजार 269 शिक्षक ही तैनात हो पाए हैं। कई स्कूलों की व्यवस्था चलाने के लिए पीटीए शिक्षकों का सहारा लिया जा रहा है। कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां एक-एक शिक्षक पांच-पांच कक्षाओं को पढ़ाने के अलावा मिड-डे मील की व्यवस्था भी देख रहा है। चंबा में इस समय 206 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली हैं। जिला में वर्ष 2015 के शैक्षणिक सत्र में सात प्राथमिक स्कूल खोले गए थे। जबकि, 11 प्राथमिक स्तर के स्कूलों को स्तरोन्नत किया गया था। अप्रैल 2016 से शुरू होने वाले आगामी शैक्षणिक सत्र में तीन नए स्कूल खोलने की अधिसूचना जारी हो चुकी है। चंबा में इस समय प्राथमिक स्कूलों की कुल संख्या 1160 है, जबकि शिक्षकों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। ज्यादातर पद दूरदराज के स्कूलों में खाली हैं। जबकि शहर या सड़क के निकटवर्ती स्कूलों में जरूरत से ज्यादा स्टाफ ड्यूटी दे रहा है। चंबा में 206 जेबीटी शिक्षकों के पद खाली हैं।
शिक्षा निदेशालय को भेजी है खाली पदों की रिपोर्ट : पठानिया
उधर, एलिमेंटरी शिक्षा उपनिदेशक एसएस पठानिया का कहना है कि खाली पदों के संबंध में नियमित रूप से शिक्षा निदेशालय को रिपोर्ट भेजी जाती है। इस रिपोर्ट के आधार पर निदेशालय से जो भी निर्देश मिलते हैं उन्हें अमल में लाया जाता है। उन्होंने कहा कि शहर या सड़क के नजदीक ड्यूटी देने वाले शिक्षकों को प्रतिनियुक्तिकरण नीति के तहत लाया जा रहा है।