आईएएनर्जी प्रोजेक्ट में ग्रामीणों ने हड़ताल कर दी है। प्रोजेक्ट से मुआवजा न मिलने के एवज में ग्रामीण आंदोलन पर उतर आए हैं। आंदोलनकारियों ने कंपनी के मुख्य गेट को बंद कर दिया है और किसी भी कर्मचारी को अंदर दाखिल होने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनके घर कंपनी की वजह से टूटने और धंसने की कगार पर हैं जिन्हें बचाने के लिए उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई थी। उन्हें आश्वासन दिया गया था कि दिसंबर महीने के अंत तक सभी प्रभावित परिवारों को मुआवजा मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है। इसके बाद प्रभावितों ने प्रोजेक्ट में हड़ताल का एलान कर दिया था और पिछले तीन दिनों से चल रही हड़ताल जारी है।
हड़ताल के चलते प्रोजेक्ट के एडिट तीन, चार व पांच का निर्माण कार्य बंद हो गया है। प्रोजेक्ट के निर्माण के दौरान दलींजन और मकवाणी गांव के घरों को काफी नुकसान पहुंचा है। कई परिवार बेघर हो चुके हैं, लेकिन बेघर हुए परिवारों को अभी तक कंपनी प्रबंधन व जिला प्रशासन की ओर से कोई भी राहत प्रदान नहीं की गई है। इसके कारण लोग आंदोलन करने में उतर आए हैं। प्रभावित लोगों मुसद्दी राम, राम लाल, झंडा राम, दूनी चंद, खेम राज, ठाकुर दास, भीमसेन, खूबी नंद, देवी दयाल, हंसराज, चुमारू राम और लोभी राम ने बताया कि ग्रामीण लंबे समय से कंपनी से मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन ग्रामीणों को उनके नुकसान का मुआवजा नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट बनाने के कार्य में जुटी कंपनी ने स्थानीय लोगों के घर छीन लिए और अब प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने से भी इंकार कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन के खिलाफ प्रभावित परिवार कई बार उपायुक्त से शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं मिल पाया है। इसके कारण प्रभावित परिवार हताश हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण तब तक प्रोजेक्ट का कार्य नहीं चलने देंगे जब तक प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा नहीं दिया जाता।
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तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर देंगे मुआवजा
उधर, आईएनर्जी के वरिष्ठ महाप्रबंधक विरेंद्र शर्मा का कहना है कि प्रभावित परिवारों को तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा, जिसकी रिपोर्ट आनी बाकी है। चुनाव की वजह से रिपोर्ट आने में देरी हो रही है। रिपोर्ट आते ही कंपनी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दे देगी।