चुनाव भले ही पंचायतों के हों मगर यहां निशाना सीधा प्रदेश की राजनीति पर है। आम आदमी पार्टी के सत्ता में दखल के ऐलान से चंबा में दोनों राजनीतिक पार्टियां असहज हो सकती हैं। भाजपा को भरमौर में मिले जबरदस्त समर्थन से पूरे जिला में पंचायतीराज से जुड़ी सीटें अपनी झोली में आती नजर आ रही थीं लेकिन ऐन मौके पर राजन सुशांत ने उम्मीदवार मैदान में उतारने का राग छेड़कर भाजपा के इस आसान रास्ते को जोखिम भरा बना दिया है।
कांग्रेस आक्रामक मुद्रा में फिलहाल नहीं है और भरमौर में बीडीसी चुनाव में मिली पराजय के बाद भी सक्रियता में खास बदलाव नहीं आया है। मगर दोनों ही राजनीतिक दल इस बात से भुला चुके हैं कि प्रदेश में किस पार्टी की लहर चल रही है इसका अंदाजा भी पंचायत चुनाव से ही लगता है। यही वो एक सिरा है जो प्रदेश में राजन सुशांत ने पकड़ रखा है। ऐसे में पहले चरण के पंचायत चुुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की हार को सत्ता विरोधी लहर मान रही भाजपा का सामना आम आदमी पार्टी से होने वाला है।
पंचायत स्तर में आप के उम्मीदवार चुनाव जीतकर आते हैं तो प्रदेश की सत्ता में पहली मर्तबा त्रिकोण की परिभाषा लिखी जाएगी। अब से पहले जितनी भी राजनीतिक पार्टियों ने प्रदेश की सत्ता में दखल देने की कोशिश की, उनमें से सबने विधानसभा चुनाव को ही इस शुरूआत का हिस्सा बनाया। बिना किसी पार्टी चुनाव चिन्ह के होने वाले पंचायत चुनावों में जीतने वाले उम्मीदवार भाजपा या कांग्रेस के साथ हो लिए। कुछ ने मजबूरी के चलते सत्ताधारी सरकार का हाथ पकड़ लिया लेकिन इस बार आप चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी है।
कांगड़ा-चंबा से राजन सुशांत सांसद रहे हैं और पिछला लोकसभा चुनाव भी उन्होंने लड़ा है। राजन सुशांत चंबा में नया चेहरा नहीं हैं और न ही लोकसभा चुनाव को इतने दिन बीते हैं जो लोग उन्हें भूल जाएं।
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भाजपा और कांग्रेस का सफाया करेंगे : सुशांत
आप के राज्य संयोजक डॉ. राजन सुशांत का कहना है कि उनकी पार्टी भाजपा और कांग्रेस का सफाया करने के मकसद से चुनाव में उतर रही है। पार्टी सभी पंचायतों में अपने समर्थित उम्मीदवार उतारेगी। उन्हें उम्मीद है कि दोनों राजनीतिक पार्टियों से दुखी लोग उनका समर्थन करेंगे।