अपने पिता की अस्थियां हरिद्वार गंगा में प्रवाहित करने गया युवक वापस नहीं आया है।
मंगलवार को इस मामले को लेकर चन्हौता गांव के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त सुदेश मोख्टा से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में शामिल त्रिलोक चंद ने बताया कि विजय कुमार अपने पिता की अस्थियां गंगा में विसर्जित करने हरिद्वार गया था।
उसके पिता की मृत्यु तीन मार्च 2017 को हुई थी। मृत्यु के 11 दिन बाद महिंद्र सिंह और मुखरू राम विजय के साथ हरिद्वार के लिए निकले थे। मुखरू राम वापस आ गया और कहने लगा कि विजय के साथ महिंद्र है और वे दो दिन के बाद हरिद्वार से वापस आ जाएंगे।
दो दिन के बाद महिंद्र सिंह वापस आ गया और विजय अब तक वापस नहीं आया है। हरिद्वार साथ गए महिंद्र सिंह ने बताया कि विजय कहीं गुम हो गया है और उसका कुछ पता नहीं चला है।
प्रतिनिधिमंडल ने अंदेशा जताया है कि मुखरू राम और महिंद्र सिंह ने विजय को जमीन जायदाद के चक्कर में मार दिया है। इस बारे शिकायत पुलिस चौकी होली में भी दर्ज करवाई है लेकिन, अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल त्रिलोक चंद, पुरुषोत्तम व चंगड़ राम ने उपायुक्त से मांग की है कि इस मामले की गहनता से छानबीन की जाए।
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