विशेष न्यायाधीश चंबा योगेश जसवाल की अदालत ने सोमवार को चरस तस्करी के दोषी विनोद कुमार पुत्र चंद्रिका कुमार निवासी गौंडाबस्ती (उत्तर प्रदेश) को चार साल का कारावास और 15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना न अदा करने की सूरत में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सार्वजनिक अभिवक्ता अनिल अवस्थी ने बताया कि 20 जुलाई 2014 को पुलिस पार्टी ने नकरोड़ के समीप द्रकुंडा मोड़ पर नाका लगाया हुआ था।
उसी दौरान विनोद कुमार वहां से गुजर रहा था जोकि पुलिस को नाके पर देखकर घबरा गया। साथ ही हड़बड़ाहट में वहां से भागने की कोशिश करने लगा। इसके चलते पुलिस को उसके ऊपर शक हो गया।
शक के आधार पर पुलिस ने उसे पकड़ा व उसके बैग की तलाशी की। तलाशी के दौरान पुलिस ने उसके बैग से 550 ग्राम चरस बरामद की। पुलिस ने आरोपी को चरस के साथ हिरासत में ले लिया। साथ ही उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।
सोमवार को अदालत ने इस मामले को लेकर अपना फैसला सुनाया। इसमें चरस की तस्करी करने वाले दोषी को चार साल की सजा और 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।