चरस तस्करी के आरोपी को दोषी करार देते हुए शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश योगेश जसवाल ने साढ़े चार साल की कैद और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अभियुक्त को छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
जानकारी के अनुसार अभियुक्त चरण सिंह पुत्र करण सिंह निवासी सरियुंडा, डाकघर हियाड़ तहसील चुराह को पुलिस की टीम ने 11 फरवरी 2014 को शाम करीब सवा पांच बजे बनीखेत में गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस की टीम सब इंस्पेक्टर मदन लाल की अगुवाई में बनीखेत बाजार में गश्त कर रही थी।
इस बीच बस स्टैंड से अभियुक्त चरण सिंह पुलिस की टीम को आता दिखा। जिसने पुलिस को देखने के बाद चंबा की तरफ सड़क पर दौड़ लगा दी और अपने हाथ में उठाए बैग को झाड़ियों में फेंक दिया। पुलिस ने चरण सिंह को पकड़ने के बाद बैग की तलाशी ली।
बैग से 850 ग्राम चरस बरामद की गई। पुलिस ने चरण सिंह के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया और छानबीन शुरू कर दी। इस केस के दौरान कोर्ट में कुल 12 गवाह पेश हुए जबकि पुलिस ने चरस के संबंध में फॉरेंसिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की। इसके आधार पर न्यायाधीश ने चरण सिंह को दोषी करार दिया। केस की पैरवी लोकाधिवक्ता अनिल अवस्थी ने की।