धर्मशाला से डलहौजी जा रही निजी बस मंगलवार को सिहुंता के पातका में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि 28 यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सभी घायलों को पीएचसी समोट में प्राथमिक उपचार के बाद टांडा रेफर कर दिया गया है।
हादसे में मारे गए व्यक्ति की पहचान विक्रम सिंह निवासी गांव मैहली पंचायत टुंडी के रूप में हुई है। विक्रम सिंह बिजली बोर्ड में फोरमैन के पद पर तैनात था और सुबह टुंडी से ककीरा के लिए ड्यूटी पर जा रहा था। बस में 44 यात्री सवार थे। जिनमें से ज्यादा ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारी थे। हादसा सुबह करीब साढ़े आठ बजे हुआ। पातका से लाहड़ू की तरफ बढ़ते ही चालक ने बस से नियंत्रण खो दिया और बस गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के बाद बस के आसपास लोग जमा हो गए और उन्होंने घायलों को खाई से निकाला।
सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से पीएचसी समोट लाया गया। यहां घायलों की संख्या बढ़ने से बैड कम पड़ गए। चिकित्सकों ने घायलों का उपचार पीएचसी के प्रांगण में ही शुरू कर दिया। मदद के लिए आसपास के सरकारी व निजी क्लीनिकों से चिकित्सक भी मौके पर पहुंच गए। विक्रम सिंह की गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे टांडा रेफर कर दिया लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। उधर, एसडीएम अमित मेहरा ने मौके पर पहुंचकर घायलों का हाल जाना और उन्होंने हादसे में घायल हुए लोगों को पांच-पांच हजार रुपये जबकि मृतक के परिजनों को दस हजार रुपये की फौरी राहत प्रदान की है।
चालक के खिलाफ दर्ज किया मामला : पुलिस
डीएसपी वीर बहादुर ने बताया कि चालक सरदारी लाल के खिलाफ भादंसं की धारा 279 व 337 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। चालक को टांडा रेफर किया गया है। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है हालत में सुधार होते ही बयान दर्ज किए जाएंगे।
प्रशासन ने की फौरी मदद : एसडीएम
एसडीएम भटियात अमित मेहरा ने बताया कि हादसे की खबर मिलते ही राहत व बचाव कार्य छेड़ दिया गया। हादसे में घायलों को हर संभव उपचार मुहैया करवाया जा रहा है। पीएचसी समोट में प्राथमिक उपचार के बाद सभी टांडा रेफर हुए हैं। उन्होंने बताया कि घायलों और मृतक के परिवार को फौरी मदद प्रदान की गई है।
पुलिस को सड़क पर मिली स्टेरिंग पिन
बस हादसे की शुरूआत जांच में बस में तकनीकी खराबी की बात सामने आई है। पुलिस को जांच के दौरान सड़क पर स्टेरिंग पिन बरामद हुई है। स्टेरिंग के ठीक नीचे इस पिन की वजह से ही स्टेरिंग पर नियंत्रण रहता है। अनुमान लगाया जा रहा है कि पिन के निकल जाने के बाद बस में आई तकनीकी खामी से हादसा हुआ है। हालांकि इस संबंध में चालक के बयान दर्ज नहीं हो पाए हैं। चालक टांडा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।