तीसा (चंबा)। अवैध खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद उपमंडल तीसा में खनन माफिया खड्डों-नालों का सीना छलनी कर रहा है। हालत यह है कि माफिया पर लगाम कसने में प्रशासन और संबंधित विभाग असहाय नजर आ रहा है। हालत यह है कि नदी और नालों में लगातार हो रहे अवैध खनन से उनके अस्तित्व पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। इससे नदियों का जल स्तर भी लगातार गिरता जा रहा है। तीन माह में तीसा में इस संबंध में कोई भी चालान न होना इस बात को पुख्ता करता है कि प्रशासन और विभाग इस ओर से आंखें मूंदे हुए है। हालांकि विभाग में स्टाफ की कमी भी इसमें आडे़ आ रही है। हालात तो यह हैं कि चंबा स्थित खनन विभाग के पास न तो स्टाफ है और न ही कोई गाड़ी। दूरदराज क्षेत्रों में हो रहे अवैध खनन को रोकने के लिए विभाग के पास स्टाफ और गाड़ी की कमी होने से विभागीय अधिकारियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि मामले में सिर्फ संबंधित विभाग को ही चालान काटने की शक्ति हो। बल्कि सरकार ने ऐसे मामले में कई विभागों को चालान काटने के लिए अधिकृत किया गया है। मगर उपमंडल तीसा में वह सभी अधिकारी अभी तक सुस्त बैठे हैं, जिन्हें अवैध खनन रोकने का जिम्मा सौंपा गया है। तीसा में हो रहे अवैध खनन की बात किसी भी विभाग से छिपी नहीं है, लेकिन शक्ति रखने वाले विभागीय अधिकारियों द्वारा ऐसे लोगों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न करना समझ से परे है। इस वजह से खनन माफिया बेखौफ होकर दिन रात अवैध खनन करने में लगा रहता है। इससे नदी और नालों के अस्तित्व पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। हालत यह है कि तीसा उपमंडल के नालों से रोजाना रेत अवैध तरीके से निकाली जा रही है और इसे महंगे दामों पर लोगों को बेचकर खूब चांदी कमाई जा रही है। चंबा-भंजराड़ू मार्ग पर भी जगह-जगह अवैध तरीके से निकाली गई रेत के ढेर देखे जा सकते हैं।
अवैध खनन के खिलाफ जल्द छेड़ा जाएगा अभियान : एसडीएम
एसडीएम हेमचंद्र वर्मा का कहना है कि अवैध तरीके से किए जा रहे खनन के खिलाफ जल्द ही अभियान छेड़ा जाएगा। नदी और नालों में अवैध खनन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।