अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। चंबा में यूआईडीएआई में नौकरी दिलवाने के नाम पर जिले के बेरोजगार युवाओं से लाखों की ठगी होने का मामला सामने में आया है। यही नहीं करीब 30 युवाओं से पैसे ऐंठने के बाद करीब तीन माह तक फर्जी तैनाती भी करवाई गई। मगर जब उन्हें वेतन नहीं मिला तो अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद पीड़ित युवाओं ने मामले की शिकायत पुलिस में की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी चंबा ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार पुलिस को शिकायत मिली है कि यशपाल निवासी भियूली पुरानी मंडी ने यूआईडीएआई में नौकरी देने के नाम पर युवाओं से ठगी की है। युवाओं का आरोप है कि उनसे आधार किट के नाम पर तीस हजार रुपये ऐंठे गए हैं। ठगी का शिकार हुए युवाओं के पास शपथ पत्र भी है। इसमें नौकरी देने की बात कही गई है।
युवाओं से ठगी करने वाले व्यक्ति ने बेरोजगार को यह कहा कि जब तक आधार किटें नहीं आती है, तब तक वे उसकी सरोल क्षेत्र के समीप स्थित शाखा में काम कर सकते है। इसकी एवज में उन्हें 12 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।
ठगी का शिकार हुए युवा रविंद्र कुमार, धरिंद्र कुमार, राकेश कुमार, रत्तन चंद, मोती राम, संजय ठाकुर, शक्ति प्रसाद, गजेंद्र शर्मा, चमन लाल, हेमराज, संजीव कुमार, योगराज, बालकृष्ण, लेखराज, वीरेंद्र कुमार, मदन लाल, दिनेश कुमार, अनीता शर्मा, मनीषा कुमारी, प्रेमराज और पूजा ने आरोप लगाया है कि वे 15 नवंबर से इस शाखा में काम कर रहे हैं।
मगर अभी तक उन्हें वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। युवाओं ने बताया की नौकरी के लिए करीब तीस युवाओं ने पैसे दिए हैं। कुल मिलाकर इस मामले में करीब नौ से दस लाखप रुपये की ठगी होने के आरोप प्रारंभिक दृष्टि में लगे हैं। युवाओं ने बताया कि पिछले तीन माह से नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाला व्यक्ति चंबा नहीं आ रहा है। आखिरकार वेतनमान न मिलने पर थक हारकर अब ठगी का शिकार हुए युवाओं ने इसकी शिकायत पुलिस में की है। वहीं, मामले की शिकायत पुलिस के पास भी पहुंच चुकी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आगामी छानबीन शुरू कर दी है।
एसपी चंबा डॉ. मोनिका ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर शिकायत पहुंची है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है।