चंबा। जिले में रावी नदी समेत अन्य नदी नालों किनारे दर्जनों स्वीमिंग पूल बिना अनुमति के चल रहे हैं और यहां पर बिना ट्रेनर के लिए युवाओं समेत सैलानी स्वीमिंग करते हैं। इससे हर समय हादसे का खतरा बना रहता है। हालांकि राजपुरा में स्वीमिंग पूल में डूबने से हुई युवक मौत के मामले में जिला प्रशासन ने आनन फानन में जांच के आदेश दे दिए हैं जबकि इससे पहले शहर में लंबे समय से चल रहे अवैध स्वीमिंग पूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यही वजह है कि इस तरह का हादसा सामने आया है।
हैरानी इस बात के बो में इन स्वीमिंग पूल के बारे में न प्रशासन को कोई जानकारी है और न ही पर्यटन विभाग को इसका पता है। ऐसे में ये स्वीमिंग पूल किसी भी समय बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं। क्योंकि स्वीमिंग पूल को बनाने के लिए नियमानुसार इसका निर्माण करना पड़ता है। इसके अलावा सुरक्षा को लेकर भी जरूरी इंतजाम रखने होते हैं। स्वीमिंग पूल में एक ट्रेनर तैराक भी होना चाहिए।
जो कि नौ सिखिए तैराकों को तैरना सिखाए। इसके साथ ही अगर कोई पानी में डूब रहा तो उसे बचा सके। लेकिन चंबा में बने स्वीमिंग पूलों में इस तरह के सुरक्षा के इंतजाम कम ही देखने को मिलेंगे। इसकी वजह से राजपुरा में युवक के साथ यह घटना घटित हुई। स्वीमिंग के गहरे पानी में डूबने से 21 वर्षिय युवक की मौत हो गई। जलाधीश ने इस मामले को लेकर प्रशासनिक जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही संबंधित विभाग को जिला में चल रहे स्वीमिंग पूलों का डाटा एकत्रित करने को भी कहा है।
जिलाधीश चंबा विवेक भाटिया ने बताया कि चंबा में बिना अनुमति से चल रहे स्वीमिंग पुलों के संचालकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही स्वीमिंग पुलों में सुरक्षा को लेकर जरूरी व्यवस्थाओं को भी जांचा जाएगा।