अमर उजाला ब्यूरो
चंबा। जिला पुलिस ने युवाओं को नशे के गर्त में धकेलने वाले चरस माफिया की कमर तोड़ कर रख दी है। इसका अंदाजा इससे ही लगाया जा सकता है कि पिछले दस महीने में पुलिस ने 40 से अधिक चरस तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनसे करीब 70 किलो के करीब चरस बरामद की गई है। वहीं पहली बार देखने को आया है कि चरस की अवैध तस्करी करने वालों पर ही नहीं उन्हें चरस बेचने वाले लोगों पर भी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई अमल में लाई है। इस तरह से पुलिस ने चरस तस्करी करने वालों पर ही नहीं बल्कि चरस तस्करी के पूरी चेन को खत्म करने का काम किया है। बेशक यह कार्रवाई पुलिस ने एसपी चंबा आईपीएस अधिकारी डॉ. मोनिका भुतुंगरू की अगुवाई में की है। चंबा में बतौर पुलिस अधीक्षक कार्यभार संभाले हुए उन्हें अभी एक वर्ष का कार्यकाल भी नहीं हुआ है। मगर इतने कम समय में उन्होंने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। चंबा जिला में चरस का अवैध कारोबार सदियों से चले आ रहा है। मगर इस कारोबार को कोई पुलिस अधिकारी नहीं रोक पाया। ऐसे में अब पुलिस ने चरस का धंधा करने वालों की जड़ें उखाड़ कर रखी दी हैं।
वर्ष 2017 में जिला में चरस के मात्र 11 मामले पकड़े गए। इसमें पुलिस ने 12 किलो चरस बरामद की। जबकि वर्ष 2018 में पुलिस ने 70 किलो से ज्यादा चरस पकड़ी है। इसके साथ ही 40 से अधिक चरस तस्करों को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका ने चंबा में नशीली दवाओं का कारोबार करने वालों पर भी नकेल कसी है। पुलिस ने 2976 नशीले कैप्सूल, 241 टैबलेट और 400 नशीले सिरप पकड़े हैं। इन दवाइयों को बेचने वाले केमिस्ट को भी गिरफ्तार किया है। इतना ही नहीं उन्होंने चंबा में एक किलो चिट्टा भी पकड़ा।
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नशा कर रहा युवाओं को कमजोर : डॉ. मोनिका
पुलिस अधीक्षक डॉ. मोनिका ने बताया कि नशा एक ऐसा जहर है। जिसका सेवन युवा पीढ़ी को धीरे-धीरे कमजोर बना रहा है। इसलिए नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।