चंबा के मणिमहेश डल झील को पार करते शिव के गुर।स्त्रोत:विडियो ग्रैब
भरमौर (चंबा)। तहसीलदार भरमौर की अगुवाई में गठित छह सदस्यों की टीम सेक्टर अधिकारी और पुलिस जवानों की निगरानी में दानपात्रों के चढ़ावे की गिनती होगी। मणिमहेश यात्रा के उपरांत डल झील से लेकर विभिन्न पड़ावों पर रखे गए दानपात्रों पर पैसों की गिनती की जाएगी।
साथ ही दानपात्रों को लेकर टीमें हड़सर से होते हुए रविवार को कोष कार्यालय भरमौर पहुंचेंगी। यहां दानपात्रों में एकत्रित चढ़ावे को कोष कार्यालय में जमा करवाया जाएगा। भरमौर प्रशासन की ओर से इसकी पूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
उत्तर भारत की प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा पर जन्माष्टमी से लेकर राधाष्टमी तक सैकड़ों श्रद्धालु देश के कोने-कोने से पहुंचते हैं। यात्रा शुरू होने से पूर्व भरमौर प्रशासन की ओर से पवित्र मणिमहेश डल से लेकर विभिन्न पड़ावों समेत लंगरों के समीप अमूमन 30 दानपात्रों को रखवा दिया जाता है। लिहाजा, दानपात्रों में एकत्रित होने वाले चढ़ावे की गिनती प्रशासन की ओर से करवाई जाती है। इसी क्रम में इस बार राधाष्टमी पर शाही स्नान खत्म होने के बाद तहसीलदार भरमौर की अगुवाई में गठित टीम सेक्टर अधिकारियों और पुलिस जवानों की निगरानी में चढ़ावे की गिनती कर चढ़ावे के साथ ही वापस लौटेगी।
अतिरिक्त उपायुक्त नवीन तंवर ने बताया कि तहसीलदार भरमौर की ओर से गठित टीम सेक्टर अधिकारी और पुलिस बल की निगरानी में चढ़ावे की गिनती करते हुए टीमें राधाष्टमी न्हौण की समाप्ति पर वापस लौटेगी। रविवार को टीम चढ़ावे की राशि को कोष विभाग कार्यालय में जमा करवाएगी।